बरेली कॉलेज, बरेली के छात्रसंघ कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रव्रजन प्रमाण पत्र (माइग्रेशन सर्टिफिकेट) एवं अनंतिम उपाधि प्रमाण पत्र (प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट) के ऑनलाइन शुल्क में की गई भारी वृद्धि का विरोध किया है। छात्रसंघ की ओर से डॉ. हृदेश यादव के नेतृत्व में इस संबंध में ज्ञापन प्रेषित कर बढ़ाए गए शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। डॉ. यादव ने बताया कि पहले इन प्रमाण पत्रों के लिए ऑफलाइन माध्यम से क्रमशः 200 रुपये (प्रव्रजन) और 300 रुपये (अनंतिम उपाधि) शुल्क निर्धारित था। लेकिन हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन के लिए दोनों प्रमाण पत्रों का शुल्क बढ़ाकर 1000-1000 रुपये कर दिया है। छात्रसंघ का कहना है कि यह निर्णय छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत है और विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूर्व निर्धारित 200 और 300 रुपये का शुल्क पुनः लागू किया जाए। साथ ही प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई जाए, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सकें। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि महामहिम कुलपति/राज्यपाल उत्तर प्रदेश, माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार तथा एम. जे. पी. रोहिलखंड विश्वविद्यालय को भी भेजी गई है। छात्रसंघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्रहित में आगे की रणनीति तय की जाएगी।