बरेली। धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक उत्साह के साथ बरेली के कई बौद्ध परिवार श्रीलंका की दस दिवसीय तीर्थ यात्रा पर रवाना हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालु वहां स्थित प्राचीन बौद्ध मठों और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर धर्म लाभ अर्जित करेंगे तथा अपने परिवार और समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। रवाना होने से पूर्व शहर में तीर्थ यात्रियों का स्वागत किया गया। कर्मचारी नगर निवासी ठाकुर दास प्रेमी ने बताया कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस पावन यात्रा पर जा रहे हैं। उनके अनुसार श्रीलंका में स्थित बौद्ध धरोहर स्थलों के दर्शन जीवन का एक विशेष अवसर है, जिसे वे सौभाग्य मानते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु श्रीलंका के ऐतिहासिक शहर अनुराधापुर सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेंगे। जिन प्रमुख स्थानों को कार्यक्रम में शामिल किया गया है, उनमें जेतवनराम, रुवानवेलिसया, मिरीसावेती स्तूप, जया श्री महा बोधि, लोवामहापाया, थुपरमैया, अभयगिरि दगाबा और लंकरामा शामिल हैं। इन स्थलों का संबंध बौद्ध परंपरा और प्राचीन इतिहास से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मिक शांति, धर्म चिंतन और सद्भाव का संदेश लेकर लौटने का संकल्प भी है। उनका कहना है कि ऐसे तीर्थ अनुभव समाज में एकता, करुणा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में सहायक होते हैं।