बरेली । निगम की कथित किराया वृद्धि के विरोध में सैकड़ों व्यापारी महापौर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सपा पार्षद नेता राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और महापौर उमेश गौतम से वार्ता की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि बिना बातचीत किए ही महापौर कार्यालय से निकल गए, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम ने दुकानों का मासिक किराया 1500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 15000 रुपये तक कर दिया है। कुछ मामलों में 700 रुपये से बढ़ाकर 14000 रुपये तक की वृद्धि का आरोप लगाया गया। व्यापारियों के अनुसार यह बढ़ोतरी अव्यवहारिक और मनमानी है। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने दुकानें पगड़ी प्रथा के तहत ली थीं, ऐसे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी न्यायसंगत नहीं है। व्यापारियों ने तुलना करते हुए कहा कि शाहजहांपुर नगर निगम में केवल 10 प्रतिशत किराया वृद्धि की गई, जबकि बरेली में भारी बढ़ोतरी कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बरेली नगर निगम का कोई अलग कानून है? धरने के दौरान बायलॉज और दुकान सीलिंग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए। व्यापारियों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के दबाव बनाया जा रहा है, जो उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने राजनीतिक नाराजगी भी जाहिर की और चेतावनी दी कि यदि किराया वृद्धि पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।