गरजे आंवला सांसद नीरज मौर्य, एम्स, गौशाला और सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
बरेली। आंवला सांसद नीरज मौर्य ने बरेली दौरे के दौरान प्रदेश सरकार और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बरेली में एम्स स्थापना, गौशालाओं की बदहाल स्थिति, पंचायत चुनाव में देरी, बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज एफआईआर का भी जिक्र करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद बरेली में एम्स लाने का मुद्दा वर्षों से केवल “प्रयास जारी है” तक सीमित है। उनका कहना था कि जब केंद्र और प्रदेश में एक ही दल की सरकार है तो ठोस परिणाम सामने क्यों नहीं आ रहे। बरेली जैसे बड़े जिले को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है, लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार गंभीर होती तो अब तक जमीन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी होती।
गौशालाओं में गायों की मौत के मुद्दे पर सांसद ने पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को घेरते हुए आरोप लगाया कि मंत्री के क्षेत्र की गौशाला में ही अव्यवस्था और लापरवाही की स्थिति है। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री के गृह क्षेत्र में गायें भूख-प्यास से मर रही हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की।
सांसद ने बुलडोजर नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रक्रिया संबंधी टिप्पणियां की गई हैं और किसी भी कार्रवाई से पहले नोटिस और जवाब का अवसर दिया जाना न्याय का मूल सिद्धांत है। बिना प्रक्रिया के कार्रवाई को उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करना और सही सुझाव देना है, लेकिन प्रदेश में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव समय पर होना चाहिए। वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नामों के मुद्दे पर उन्होंने लोकसभा में प्रश्न लगाने की बात कही और सुझाव दिया कि पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के लिए एक समान वोटर सूची बनाई जानी चाहिए, ताकि भ्रम और गड़बड़ियों को रोका जा सके।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि पीएम केयर फंड से बरेली को बड़ी संख्या में वेंटिलेटर मिले, लेकिन उनकी कार्यस्थिति की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या जरूरतमंद मरीजों को समय पर वेंटिलेटर मिल पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आवारा पशुओं की समस्या और गौवंश संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग गठन की मांग उठाने की बात दोहराई।
इस दौरान उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना पूर्ण तथ्यों के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सांसद ने आंवला को जिला बनाने की मांग पर कहा कि इस संबंध में उनके पास कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है और यह राज्य सरकार का विषय है। उन्होंने आंवला- भमोरा मार्ग को फोरलेन बनाने, रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण, बंद पड़े स्टेशन को पुनः चालू कराने और ऐतिहासिक जैन मंदिर के नाम से स्टेशन बहाली के प्रयासों की जानकारी दी।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार को लिखे गए उनके पत्रों का जवाब नहीं मिलता, जबकि केंद्र स्तर पर भेजे गए पत्रों का लिखित उत्तर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लगातार सदन में उठाते रहेंगे और मीडिया से भी सुझाव मांगेंगे, ताकि बरेली और आंवला क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा जा सके।













































































