करोड़ों की जीएसटी फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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बरेली। क्राइम ब्रांच थाना बिथरी चैनपुर पुलिस ने जीएसटी फर्जीवाड़ा प्रकरण में बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रैकेट के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान योगेश शर्मा पुत्र सलेक चंद निवासी ग्राम छजुपुरा थाना परतापुर जिला मेरठ के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार अभियुक्त योगेश शर्मा बीते कई वर्षों से फर्जी फर्मों का सृजन कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के माध्यम से बोगस आईटीसी पास-ऑन कराकर जीएसटी रिफंड प्राप्त करने वाले संगठित गिरोह का संचालन कर रहा था। उसने अपने साथियों मनीष अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, अपर्णा अग्रवाल तथा आदी उर्फ युगांश बिसारिया के साथ मिलकर श्री श्याम ट्रेडर्स सहित कई फर्जी फर्मों के माध्यम से करीब 14 करोड़ रुपये का जीएसटी फ्रॉड कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। जांच में अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक के फ्रॉड का अनुमान लगाया जा रहा है।इस मामले में बीएनएस व 132 जीएसटी के तहत थाना बिथरी चैनपुर में अभियोग पंजीकृत है, जिसकी विवेचना अपराध शाखा की एसआईटी द्वारा की जा रही है। पूर्व में अभियुक्त गौरव अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने अभिलेखीय साक्ष्यों, बैंक लेन-देन और साइबर एनालिसिस के आधार पर योगेश शर्मा को दिनांक 29 जनवरी को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित के.डी.पी. सवाना अपार्टमेंट के गेट से गिरफ्तार किया।पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह फर्जी फर्मों के पते बदल-बदल कर पंजीकरण कराता था, किराये की दुकानों पर फर्जी रजिस्ट्रेशन करता था, खाली वाहनों को ई-वे बिल में माल परिवहन दर्शाता था और हवाला नेटवर्क के माध्यम से भुगतान करता था। उसके कब्जे से एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसमें फर्जी इनवॉइस, ई-वे बिल और व्हाट्सएप चैट का डिजिटल डेटा मिला है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।पुलिस टीम में निरीक्षक संजय कुमार धीर (मुख्य विवेचक), उप निरीक्षक इंतजार हुसैन, उप निरीक्षक सतेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल सतेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल विकास कुमार और चालक अंकुर शर्मा शामिल रहे। पुलिस अन्य संलिप्त अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है।

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