55 ब्रह्मचारी-बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार यज्ञ सम्पन्न
बरेली। रूहेलखंड मंडल के एकमात्र जीवंत गुरुकुल श्री टीबरीनाथ सांगवेद संस्कृत महाविद्यालय, नैनीताल मार्ग, बरेली के प्रांगण में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर 55 ब्रह्मचारी-बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार यज्ञ वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातःकालीन बेला में आयोजित इस यज्ञ का निर्देशन आचार्य महेश चन्द्र शर्मा एवं वरिष्ठ छात्रों द्वारा सनातन परंपरा के अनुरूप किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेशाम्बिका पूजन, कलश पूजन, नवग्रह पूजन, सर्वतोभद्र मंडलस्थ देव पूजन, अग्निस्थापन, हवन एवं समावर्तन संस्कार के साथ हुआ। दंड धारण किए ब्रह्मचारी-बटुक गुरुकुल परिसर में प्राचीन गुरुकुल परंपरा की जीवंत छवि प्रस्तुत कर रहे थे। ब्रह्मचारियों ने प्रधानाचार्य बंशीधर पाण्डेय से विधिवत दीक्षा-मंत्र एवं गुरु-मंत्र ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों के लिए यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं हृदयस्पर्शी रहा।
संस्कार उपरांत भिक्षा ग्रहण की परंपरा का निर्वहन किया गया, जिसका उद्देश्य अहंकार का त्याग एवं संयमित जीवन की शिक्षा देना है। भिक्षा प्रदान करते समय पूरा वातावरण भावुक हो उठा। प्रधानाचार्य ने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार के बाद ही ब्रह्मचारी वेदाध्ययन का अधिकारी बनता है। यज्ञोपवीत के तीन सूत्र देव, ऋषि एवं पितृ ऋण के प्रतीक हैं, जो सत, रज और तम गुणों का भी बोध कराते हैं।
सायं 4 बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक बिथरी चैनपुर डॉ. राघवेन्द्र शर्मा रहे। गुरुकुल के छात्रों ने वैदिक मंगलाचरण, सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नाटक, संस्कृत-हिन्दी काव्य प्रस्तुति एवं वसंत गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रेमशंकर अग्रवाल, मंत्री सुधीर गोयल, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, संयोजक विकास शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन व दूर-दराज से आए अभिभावक उपस्थित रहे। इस अवसर पर गुरुकुल का 43वां वार्षिकोत्सव भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।













































































