बीएमसी समेत 29 नगर निगम चुनाव में वोटिंग स्याही पर विवाद, मंत्री संजय शिरसाट ने जताई फर्जी मतदान की आशंका
मुंबई। महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित 29 नगर निगमों के लिए गुरुवार को मतदान जारी है। इसी बीच मतदान के बाद मतदाताओं की उंगली पर लगाई जा रही स्याही को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के मंत्री और शिंदे गुट के शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने दावा किया है कि यह स्याही आसानी से मिट रही है, जिससे फर्जी मतदान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
संजय शिरसाट ने अपने परिवार के साथ मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उंगली पर लगाई जा रही मार्कर पेन की स्याही सरलता से हटाई जा सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इसकी वजह से कुछ स्थानों पर दोबारा वोट डाले जाने की संभावना बन सकती है। उन्होंने मतदान अधिकारियों और पोलिंग एजेंटों से इस पर विशेष निगरानी रखने की अपील की।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता की अंगुली पर लगाई गई इंडलेबल इंक को मिटाने या मतदान प्रक्रिया के दौरान भ्रम फैलाने का प्रयास चुनावी गड़बड़ी की श्रेणी में आएगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करना गंभीर अपराध है और किसी भी स्थिति में दोबारा मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो की जांच की जा रही है, जिनमें कुछ लोग वोट डालने के बाद अपनी उंगली से स्याही हटाते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि नेल पॉलिश रिमूवर, एसीटोन और पेंट थिनर जैसी चीजों से स्याही हटाई जा सकती है।
चुनाव आयोग ने सफाई देते हुए बताया कि चुनाव में इस्तेमाल की जा रही मार्कर स्याही ‘कोरेस’ कंपनी की है, जिसका उपयोग वर्ष 2011 से चुनावों में किया जा रहा है। आयोग ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।













































































