महात्मा गांधी प्रतिमा पर कांग्रेस का उपवास, “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत प्रदर्शन
बरेली। जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास एवं प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास रखकर केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध जताया।
उपवास के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि मनरेगा गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के लिए जीवनरेखा है, जिससे करोड़ों परिवारों का भरण-पोषण होता है। भाजपा की डबल इंजन सरकार द्वारा मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह योजना कांग्रेस सरकार की देन है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, लेकिन मौजूदा सरकार इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं पूर्व महापौर प्रत्याशी डॉ. के.बी. त्रिपाठी ने कहा कि यूपीए-1 सरकार द्वारा 2 फरवरी को लागू किया गया नरेगा अधिनियम ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक था। यह योजना रोजगार का अधिकार देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने के लिए जन आंदोलन जारी रखेगी।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा मजदूरी ₹400 प्रतिदिन करने के लिए वचनबद्ध है। भाजपा सरकार गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की योजनाओं को समाप्त कर रही है, जिसका कांग्रेस लगातार विरोध करेगी।
इस अवसर पर कृष्णकांत शर्मा, पं. राज शर्मा, जिया उर रहमान, डॉ. मेहंदी हसन, डॉ. हरीश गंगवार, युसुफ सैफी, युसुफ ननहे, राजन उपाध्याय, राजीव कुमार, इशाक बेग, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, कमरुद्दीन सैफी, सुरेश दिवाकर, नजमी खान, धीरज मधुकर, आर.एस. गुप्ता, गुड्डू खान सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













































































