125 दिन रोजगार से गांव की तस्वीर बदलेगी :- गुलाब देवी
प्रेस विज्ञप्ति :-12 जनवरी 2026
बदायूँ । भाजपा कार्यालय पर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी-राम-जी) के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा एवं जनपद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने संबोधित किया। प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि एनडीए सरकार ने ग्रामीण श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए रोजगार की गारंटी को पहले से अधिक सशक्त, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े और उसे सम्मानजनक रोजगार तथा स्थायी आजीविका प्राप्त हो। इसी उद्देश्य से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू किया गया है, जो रोजगार की गारंटी को अधिकार का रूप देते हुए ग्रामीण श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान प्रदान करता है। यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि नया अधिनियम ग्रामीण श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व प्रदान करता है। इसमें स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि यदि किसी श्रमिक को समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, जिससे कोई भी श्रमिक असुरक्षित न रहे।
प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि ग्रामीण रोजगार को नई दिशा और नई परिभाषा देने के उद्देश्य से वीबी-जी-राम-जी अधिनियम, 2025 को लागू किया गया है। यह अधिनियम गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे बताया इस अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण श्रमिक को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बुवाई एवं कटाई के प्रमुख मौसम में लगभग 60 दिनों तक अन्य कार्यों को संतुलित रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों।
प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मजदूरी भुगतान व्यवस्था को सरल बनाया गया है। मजदूरी का भुगतान अब 15 दिनों के स्थान पर प्रत्येक सप्ताह किया जाएगा। यदि किसी कारणवश कार्य उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो श्रमिकों को नियमानुसार भत्ता किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए अधिनियम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस आधारित मोबाइल मॉनिटरिंग, रीयल टाइम डाटा प्रणाली, डिजिटल उपस्थिति, रीयल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड तथा अनिवार्य सामाजिक ऑडिट जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे कार्यों की निगरानी मजबूत होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण विकास की गति को तेज करेगा और गांवों में रोजगार, पारदर्शिता और विश्वास का नया वातावरण तैयार करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने सभी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल गांव के अंतिम व्यक्ति तक रोजगार और सम्मान पहुंचाने का कार्य करेगी।
इस अवसर पर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्षा वर्षा यादव, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, जिलाध्यक्ष सोहेलदेव पार्टी दिनेश कुमार कश्यप, जिलाध्यक्ष आरएलडी जितेंद्र कुमार यादव, जिलाध्यक्ष अपना दल देवेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष शरदेन्दु पाठक, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, अनुभव उपाध्याय आदि लोग उपस्थित रहे।













































































