बदायूँ में तीनों पालिका सभासद अधिकारियों के आश्वासन पर 09 घण्टे बाद ओवरहैड टैंक से नीचे उतरे
बदायूं। शहर में पानी की गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को शहर के तीन वार्डों के सभासद सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अंबेडकर छात्रावास के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

सभासदों का आरोप है कि उनके क्षेत्रों में पिछले एक महीने से न तो नियमित जलापूर्ति हो रही है और न ही साफ पानी मिल पा रहा है, जिससे आम जनता भारी परेशानी झेल रही है। एक महीने से अधिक समय से जल संकट प्रदर्शन कर रहे सभासदों ने बताया कि कल्याण नगर, ब्रह्मपुर और नई सराय मोहल्लों में बीते एक महीने से पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित है। कभी-कभार जो पानी आता भी है, वह अत्यधिक गंदा और बदबूदार होता है। दूषित पानी के कारण लोगों को बीमारियों का खतरा बना हुआ है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। पानी की टंकी पर चढ़े सभासद पानी की समस्या से आक्रोशित होकर वार्ड नंबर 18 कल्याण नगर से सभासद मोहित सक्सेना, वार्ड नंबर 15 ब्रह्मपुर मोहल्ला से सभासद मुकेश कुमार साहू और वार्ड नंबर 27 नई सराय से सभासद रफीक उद्दीन पानी की टंकी पर चढ़ गए। सभासदों ने चेतावनी दी कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। तीन सूत्रीय मांगें रखीं पानी की टंकी पर चढ़े सभासदों ने नगर पालिका प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग यह है कि दूषित पानी की सप्लाई को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो। दूसरी मांग क्षेत्र में बिछी जर्जर और पुरानी पानी की पाइप लाइनों को जल्द से जल्द बदले जाने की है। तीसरी मांग यह है कि ग्रामीण क्षेत्र से रही जलापूर्ति लाइन को इन मोहल्लों से जोड़ा जाए, जिससे नियमित स्वच्छ पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो सके। लोगों की बढ़ी परेशानी कल्याण नगर, ब्रह्मपुर और नई सराय मोहल्लों के निवासी पानी की कमी से बेहद परेशान हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन पर बढ़ा दबाव सभासदों के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद नगर पालिका और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। मौके पर पुलिस और नगर पालिका के अधिकारी और सभासदों से बातचीत कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि सभासदों ने साफ कहा कि जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।













































































