जनपद के समस्त विकास खण्डों में सफलतापूर्वक हुआ ग्राम चौपालों का आयोजन
बदायूँ । शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को जनपद के समस्त विकास खण्डों की 02-02 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। ग्राम चौपालों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना, ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना, उनसे सीधा संवाद स्थापित करना एवं मौके पर समस्याओं का समाधान करना है। चौपाल के दौरान पेंशन से संबंधित 12 एवं आवास से संबंधित 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। आयोजित ग्राम चौपालों में विकास खण्ड अंबियापुर की ग्राम पंचायत भेटाजबी एवं हैबतपुर, आसफपुर की बसौमी एवं गुलैरिया, बिसौली की आदपुर एवं अतरपुरा, दातागंज की लालपुर खादर एवं सराय पिपरिया, देहगवां की सराय उर्फ विजयगढ़ी एवं दादरा, इस्लामनगर की लस्करपुर ओय्या एवं नादेरी, जगत की कुपरी एवं जखेली, म्याऊं की नगलिया चिकन एवं गुराना, कादरचौक की मुगरा टटैयी एवं निजामाबाद, सहसवान विकास खण्ड की रमपुरा टी. रियौना एवं खांडुवा, सालारपुर की खासपुर एवं परोलिया, समरेर की बरहाई सहोरा एवं बौरा, उझानी की सांजरपुर बलजीत एवं बसंत नगर, उसावां की अकबरपुर एवं भुंडी तथा वजीरगंज की लहरा लाडपुर एवं रैहरिया ग्राम पंचायतों में चौपालें आयोजित की गईं। ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं जैसे पेंशन योजनाएँ, आवास योजनाएँ, स्वच्छता, मनरेगा, राशन, स्वास्थ्य एवं अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा प्राप्त शिकायतों में से पेंशन से संबंधित 12 एवं आवास से संबंधित 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि शेष समस्याओं का भी समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान कराया जाएगा। ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं गांवों के समग्र विकास को गति देने का प्रयास किया गया। बता दें कि जनपद के समस्त विकास खण्डों में आगामी 27 मार्च 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को समस्त ब्लॉक की दो-दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल (गॉव की समस्या, गाँव में समाधान) का आयोजन कराया जाएगा। ग्राम चौपालों के दौरान सम्बंधित विकासखण्डों के अधिकारी, कर्मचारी व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।













































































