बरेली। सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा गठित आठवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल न किए जाने पर कड़ा विरोध जताया इसको लेकर इंजीनियर्स बे ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में दिया। संघ ने इसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों के साथ अन्याय बताया है। संघ के अनुसार 3 नवंबर 2025 के नोटिफिकेशन में पेंशन और अन्य पेंशनरी लाभों को आयोग के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि पूर्व में सातवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था। महासचिव द्वारा 18 नवंबर और 10 दिसंबर 2025 को इस विषय में पत्र भेजकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई है। संघ का कहना है कि पेंशन सेवाकाल का लंबित वेतन है, जिसे गैर-अंशदायी और गैर-वित्तपोषित बताना गलत है। वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर पेंशनरों में भेदभाव समाप्त करने और वेतन आयोग के संदर्भ में पेंशन पुनरीक्षण जोड़ने की मांग की गई है।