बरेली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारी राजेश तिवारी के नेतृत्व में 15 सूत्रीय मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में एडीएम सिटी को दिया। राजेश तिवारी ने कहा कि मनरेगा को समाप्त कर लाए गए “वीबी-जी राम” विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” कानून के विरोध में खेत मजदूर संगठनों ने मंगलवार 6 जनवरी को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय खेत मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन और अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा के तहत जहां केंद्र 90 और राज्य 10 प्रतिशत बजट देता था, वहीं नए कानून में राज्यों पर 40 प्रतिशत बोझ डाला गया है, जो व्यावहारिक नहीं है। इससे योजना के ठप होने का खतरा है और मजदूरों की आजीविका छीने जाने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल करने, 200 दिन का काम, 600 रुपये दैनिक मजदूरी, 55 वर्ष के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की। उन्होंने गिरफ्तार वामपंथी नेताओं की रिहाई और श्रम कानूनों की बहाली की भी मांग की। ज्ञापन देवे बालों में हरीबाबू , महेश कुमार , सतीश , वीरपाल, ऋषिपाल आदि मौजूद थे।