निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज पर मरीजों की खरीद-फरोख्त का आरोप, सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
लखनऊ । गोमतीनगर विस्तार स्थित एक निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज पर मरीजों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक चैट में दावा किया गया है कि कॉलेज का स्टाफ दलालों को वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज लाने पर 50 हजार रुपये और ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीज पर 35 हजार रुपये कमीशन देने का लालच दे रहा है।
बताया जा रहा है कि केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इन दिनों निजी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से जुड़े एजेंटों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। ये एजेंट उन मरीजों और उनके तीमारदारों को निशाना बनाते हैं, जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में बेड नहीं मिल पाता। ऐसे मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों और कॉलेजों में भर्ती कराया जाता है।
मामले को लेकर सूरज कश्यप नामक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, जबकि डिप्टी सीएम को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई है। शिकायत के बाद सीएमओ कार्यालय ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि वायरल चैट की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कॉलेज के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस को पत्र भेजा जाएगा।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि यदि मरीजों की खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। निजी कॉलेज से जुड़े एजेंटों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को पत्र भेजा जाएगा।
वहीं, आरोपों पर सफाई देते हुए बाबू युगराज सिंह आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के मैनेजर इंद्रजीत पाल ने कहा कि जिस स्टाफ की चैट वायरल हुई है, वह उनके संस्थान से संबंधित नहीं है। संस्थान में किसी भी तरह की मरीजों की खरीद-फरोख्त नहीं होती और लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।













































































