चांदी के दाम लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और हर घंटे भाव में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बीते 24 घंटे में चांदी 20 हजार रुपये प्रति किलो महंगी होकर शनिवार को 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जिससे किनारी बाजार, चौबेजी का फाटक सहित अन्य सराफा बाजारों में ग्राहकों की संख्या बेहद कम हो गई। आसमान छूती कीमतों का सीधा असर पायल कारोबार पर पड़ा है और पायलें पहले की तुलना में हल्की बनाई जा रही हैं। चांदी की मंडी कहे जाने वाले आगरा में हर माह करीब 50 टन चांदी की खपत होती है, लेकिन कीमतों में तेज उछाल से कारोबार प्रभावित हो रहा है। कुछ माह पहले 30 ग्राम की पायल 5 से 6 हजार रुपये में मिलती थी, जो अब 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच गई है। हालात यह हैं कि घरेलू कारखानों में कारीगरों के पास पायल बनाने के लिए कच्चा माल नहीं है और बड़े निर्माताओं के कारखाने भी शनिवार को बंद रहे, जिससे कारीगरों को छुट्टी पर जाना पड़ा। पायल निर्माता तरुण अग्रवाल का कहना है कि भावों में अस्थिरता से बाजार का बुरा हाल है। श्री सराफा कमेटी के अध्यक्ष धनकुमार जैन के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के चलते बाजार में मंदी है और पायल कुटीर उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जबकि 15 जनवरी के बाद सहालग शुरू होने वाला है।