ओसवाल गन्ना किसानों पर उत्पीड़न का आरोप, पांच गांवों में आक्रोश
नवाबगंज। भदपुरा ब्लॉक के ओसवाल शुगर मिल से जुड़े पांच गांवों के गन्ना किसानों ने सेंटर काटकर बीसलपुर (पीलीभीत) भेजे जाने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। आक्रोशित किसानों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई कि उनका सेंटर वहां से हटाकर किसी नजदीकी स्थान पर किया जाए, लेकिन दो महीने तक प्रयास के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित किसानों ने अपनी व्यथा पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार के समक्ष रखी। किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने सेंटर बदलने की मांग को लेकर गन्ना आपूर्ति से इनकार किया तो गन्ना समिति के अधिकारियों और कुछ जनप्रतिनिधियों ने मिलकर दबाव बनाने के लिए फर्जी तरीके से अज्ञात व्यक्ति से गन्ना तुलवाकर 20 किसानों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। यह मुकदमा नवाबगंज गन्ना समिति द्वारा दर्ज कराया गया बताया जा रहा है।
सुनीता गंगवार ने कहा कि नवाबगंज क्षेत्र में किसानों के साथ अन्याय अब बर्बरता की हद तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से ओसवाल मिल का भुगतान किसानों को नहीं मिला है और जब किसान अपने हक का पैसा मांगते हैं तो गन्ना समिति हाथ खड़े कर देती है, लेकिन किसानों पर मुकदमे दर्ज कराने में पूरी तत्परता दिखाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दौर में किसानों का अत्यधिक उत्पीड़न हो रहा है और अब किसानों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
संस्था अध्यक्ष ने घोषणा की कि मंगलवार को भदपुरा ब्लॉक के मधु नगला, फतेहगंज, जावेदा, जवेदी और तजपुरा गांवों के किसान एकत्र होकर तहसील पहुंचेंगे। वहां वे अपने सेंटर को बीसलपुर से हटाकर नजदीक कराने की मांग करेंगे और साथ ही किसानों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने का प्रशासन को अल्टीमेटम देंगे।
किसानों का कहना है कि शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और गन्ना समिति की मिलीभगत से इन पांच गांवों पर गाज गिरी है, जिससे नवाबगंज क्षेत्र किसानों के सबसे अधिक शोषित इलाकों में बदलता जा रहा है।













































































