एच-1बी वीजा संकट से लेकर विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा तक, सरकार ने दोहराई प्रतिबद्धता
नई दिल्ली । विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों को लेकर भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वीजा संबंधी परेशानियां, सुरक्षा से जुड़े मुद्दे, भगोड़े अपराधियों की वापसी और विदेशों में भारतीय छात्रों की मौत जैसे मामलों पर विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति साफ की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार को एच-1बी वीजा नियुक्तियों के बार-बार पुनर्निर्धारित होने को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। इस कारण कई भारतीय नागरिक लंबे समय से विदेशों में फंसे हुए हैं, जिसका असर उनके परिवार और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि वीजा से जुड़े फैसले किसी भी देश के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन भारत ने अपनी चिंताओं को अमेरिका के सामने नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी दोनों जगह मजबूती से रखा है। अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत जारी है, ताकि भारतीय नागरिकों को हो रही परेशानियों को कम किया जा सके।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका में काम करने वाले हजारों भारतीय पेशेवरों से जुड़े एच-1बी वीजा मामलों में हाल के दिनों में गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। बड़ी संख्या में आवेदकों के पहले से तय साक्षात्कार अचानक रद्द कर दिए गए या कई महीनों के लिए आगे बढ़ा दिए गए। इससे कई लोग भारत में फंसे हुए हैं और अपनी नौकरी जॉइन नहीं कर पा रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर के मध्य से जिन आवेदकों के साक्षात्कार निर्धारित थे, उन्हें ई-मेल के जरिए सूचित किया गया कि उनकी तारीखें अगले साल मई तक के लिए बढ़ा दी गई हैं। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन गतिविधियों की अतिरिक्त जांच के कारण यह फैसला लिया गया है। इस देरी से भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को आर्थिक, पारिवारिक और शैक्षणिक स्तर पर गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रणधीर जायसवाल ने ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हुई आतंकी घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत इस हमले से जुड़े तत्वों की गतिविधियों से अवगत है और संबंधित विदेशी एजेंसियों के संपर्क में है।
भगोड़े अपराधियों की वापसी को लेकर विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार ऐसे सभी लोगों को भारत वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो कानून से बचकर विदेशों में छिपे हुए हैं। इसके लिए कई देशों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में कानूनी जटिलताएं होती हैं, लेकिन सरकार की मंशा साफ है कि ऐसे लोग भारत लौटें और अदालतों में मुकदमे का सामना करें।
कनाडा में एक भारतीय छात्र की मौत पर विदेश मंत्रालय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार मृतक छात्र के परिवार के संपर्क में है और स्थानीय प्रशासन से मौत की परिस्थितियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। भारत का दूतावास परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चाहे मामला वीजा से जुड़ा हो, सुरक्षा का हो या न्याय का, भारत सरकार अपने नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।













































































