उत्तर प्रदेश: फतेहपुर में पुरानी मजार में तोड़फोड़, बजरंग दल के प्रखंड संयोजक गिरफ्तार, नौ के खिलाफ एफआईआर
फतेहपुर । हुसैनगंज थाना क्षेत्र में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा पुरानी मजार में तोड़फोड़ कर धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ता मजार को हथौड़े से तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं और आपत्तिजनक नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में कार्यकर्ता यह कहते दिख रहे हैं कि यह बांग्लादेश नहीं, हिंदुस्तान है और यहां जिहादी मानसिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना हुसैनगंज थाना क्षेत्र के भलेवा मार्ग पर मवई गांव में हुई, जहां जयबहादुर के घर के किनारे नाली से सटी वली शाह बाबा की पुरानी मजार बनी थी। मजार से करीब 100 मीटर दूर फकीर समुदाय के लोग रहते हैं। वायरल वीडियो के अनुसार मंगलवार शाम बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता मजार पर पहुंचे और महज दो से तीन मिनट में हथौड़े से उसे ध्वस्त कर दिया। वीडियो में कार्यकर्ता आसपास के लोगों से यह कहते भी सुने जा रहे हैं कि यदि कोई दोबारा मजार बनवाने आए तो बता देना कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया है।
मजार तोड़फोड़ की सूचना पर मौके पर एडीएम अविनाश त्रिपाठी और एएसपी महेंद्र पाल सिंह पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों से पूछताछ की। एडीएम ने बताया कि मजार से संबंधित कोई अभिलेखीय साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले में एसआई कुंवर प्रखर सिंह की तहरीर पर सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ और धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई धाराओं में बजरंग दल के राहुल अग्निहोत्री, प्रखंड संयोजक नरेंद्र हिंदू, गोलू पंडित, कुलदीप मिश्रा, शोभराज मिश्रा सहित चार अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि मुख्य आरोपी छेउका निवासी प्रखंड संयोजक नरेंद्र हिंदू को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मजार तोड़फोड़ की घटना को गांव में आगामी प्रधानी चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में एक ही बिरादरी के दो प्रमुख दावेदार मैदान में हैं और हिंदू मतदाताओं की संख्या अधिक है। ग्रामसभा में करीब तीन हजार से अधिक मतदाता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मजार पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग आस्था रखते थे और यहां मन्नत मांगने की परंपरा रही है। घटना के बाद गांव का माहौल चुनावी समीकरणों में उलझ गया है।
बताया जा रहा है कि एक दावेदार को करीब 250 मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन प्राप्त है और उसने चुनाव जीतने पर मजार के पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया है, जबकि दूसरा दावेदार हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने में जुटा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मजार तोड़फोड़ कर कुछ लोग जानबूझकर माहौल बनाने और खुद को चर्चा में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक मजार की जगह पर पहले पहलवानों का अखाड़ा हुआ करता था। यह भूमि विष्णुपाल सिंह की बताई जा रही है, जहां करीब 50 साल पहले ओली बाबा पहलवान का अड्डा था। बाद में एक व्यक्ति द्वारा यहां झाड़-फूंक शुरू की गई और धीरे-धीरे इस स्थान को मजार का रूप दे दिया गया। सड़क निर्माण के दौरान मजार का एक हिस्सा पहले ही टूट चुका था। अब हुई तोड़फोड़ के बाद गांव में तनाव का माहौल है, हालांकि पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।













































































