उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में मां की डांट से नाराज हाईस्कूल छात्र घर से भागा, अलमारी से सोने के बिस्किट ले गया, सिलीगुड़ी में मिली लोकेशन
गोरखपुर । एम्स थाना क्षेत्र में मां की डांट से नाराज होकर 16 वर्षीय हाईस्कूल का छात्र घर से भाग गया। जाते समय वह घर की अलमारी में रखे 10-10 ग्राम के दो सोने के बिस्किट भी साथ ले गया। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की तो किशोर की लोकेशन सिलीगुड़ी में मिली है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
एम्स थाना क्षेत्र के झरना टोला न्यू टीचर कॉलोनी निवासी महिला ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनके पति दुबई में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें छोटा बेटा 16 वर्ष का है और वह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में हाईस्कूल का छात्र है। मां के अनुसार बेटा अक्सर शरारत करता रहता है, जिस कारण उसे डांटना पड़ता है। 21 दिसंबर को वह स्कूल से काफी देर से घर लौटा। पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे नाराज होकर मां ने उसे डांट दिया।
महिला के मुताबिक उसी दिन शाम करीब पांच बजे किशोर बिना बताए घर से चला गया और अलमारी से दो सोने के बिस्किट लेकर गया। परिजनों ने रिश्तेदारों, दोस्तों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घबराकर महिला सोमवार को बड़े बेटे के साथ एम्स थाने पहुंची और बेटे के लापता होने की सूचना दी। पुलिस की जांच में उसकी लोकेशन सिलीगुड़ी में मिलने की पुष्टि हुई है। थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम किशोर की तलाश में लगी है और जल्द ही उसे सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
बदलते दौर में किशोरों के व्यवहार में आ रहे बदलावों को लेकर विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिक जीवनशैली, शिक्षा का दबाव, पारिवारिक तनाव और सोशल मीडिया के प्रभाव से बच्चों का बालमन अधिक संवेदनशील और अस्थिर हो गया है। छोटी-छोटी बातों पर डांट या रोक-टोक उन्हें भावनात्मक रूप से आहत कर देती है, जिसके चलते वे आवेग में आकर घर छोड़ने जैसे कदम उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार संवाद की कमी, माता-पिता की व्यस्तता और मोबाइल व सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों को वास्तविक दुनिया से दूर कर रहा है। पहले संयुक्त परिवार और सामाजिक जुड़ाव बच्चों में धैर्य और भावनात्मक संतुलन विकसित करता था, जो अब कम होता जा रहा है। यही कारण है कि मामूली बातों पर तनावग्रस्त होकर किशोर गलत फैसले ले बैठते हैं। पुलिस भी अभिभावकों से अपील कर रही है कि बच्चों के व्यवहार में आने वाले छोटे बदलावों को गंभीरता से लें और उनसे संवाद बनाए रखें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।













































































