बदायूं। स्थानीय प्राचीन श्री रंगमंदिर में एक माह तक चलने वाले पावन ‘धनुर्मास उत्सव’ (पोंगल उत्सव) के नौवें दिन भक्ति और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे महान आचार्यों के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिससे पूरा मंदिर परिसर वैकुंठ धाम के समान प्रतीत होने लगा। उत्सव का शुभारंभ आचार्यों द्वारा गुरु परंपरा पूजन और वरदवल्लभा स्तोत्र के सस्वर पाठ के साथ हुआ। इसके पश्चात भगवान का 108 तुलसी अर्चना व पंचघाटी स्तोत्र के साथ दिव्य अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक ‘कायली’ की मंगल ध्वनि के बीच जब भगवान की आरती हुई, तो उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। वृंदावन के विद्वानों द्वारा किए गए शास्त्रोक्त पूजन ने उत्सव की दिव्यता में चार चांद लगा दिए। मंदिर के पुजारी जी आचार्य राममिलन शास्त्री जी ने बताया कि धनुर्मास के दौरान प्रतिदिन इसी प्रकार सेवा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य विश्व कल्याण और भक्ति मार्ग का प्रसार करना है।