श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व पर विशाल नगर कीर्तन निकाला,जगह-जगह स्वागत किया
बदायूँ। सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व पर आज गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा पंजाबी मोहल्ला से विशाल नगर कीर्तन (शोभा यात्रा) प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मुख्य मार्गो से होता हुआ गुरुद्वारा साहब में ही समाप्त हुआ
इस नगर कीर्तन में सबसे आगे मेरी पीढ़ी खालसा गतका ग्रुप अलीगढ़ के गतका पार्टी के द्वारा बहुत अच्छे करतब दिखाए जा रहे थे उसके उपरांत श्री गुरु नानक जूनियर हाई स्कूल के बच्चों के द्वारा भांगड़ा एवं गिद्दा की जा रही थी इसके बाद गुरु नानक जूनियर हाई स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा कीर्तन किया जा रहा था एवं माता सुंदरी ग्रुप के बच्चों के द्वारा बहुत अच्छे ढंग से गुरु गोविंद सिंह जी के इतिहास से संबंधित गीत का उच्चारण हो रहा था ।

बाबा दीप सिंह अखाड़ा बदायूं के बच्चों के द्वारा बहुत अच्छे ढंग से करतब दिखाए जा रहे थे ।इसके उपरांत राजवीर राय सिख पंजाबी ढोल ग्रुप बाजपुर के द्वारा ढोल द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था इसके उपरांत साहबजादा अजीत सिंह गतका अखाड़ा पानीपत की लड़कियों एवं लड़कों का गतका के द्वारा बहुत अच्छे करतब दिखाए जा रहे थे ।
इसके साथ ही सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी पंजाबी मोहल्ला एवं लोटन पुरा एवं बरेली की संगत के द्वारा कीर्तन गायन किया जा रहा था जिसमें बदायूं शहर की सारी संगत भी सम्मिलित थी
इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज जी की पालकी थी उसके आगे बहुत सारी संगत सफाई झाड़ू एवं जल छिड़काव एवं पुष्पों की वर्षा कर रही थी। जिनके साथ पांच प्यारे चल रहे थे ।अंत में पालकी साहब थी। जिसमें सारी संगत गुरु महाराज को नतमस्तक हो रही थी। पालकी साहब से सारी संगत को प्रसाद भी वितरित किया जा रहा था ।
नगर कीर्तन का जगह-जगह पर बहुत स्वागत किया गया एवं प्रसाद वितरित किया गया।
आज के इस नगर कीर्तन में नगर कीर्तन का संचालन करने के लिए जिनकी ड्यूटी लगाई गई थी उन्होंने बहुत अच्छे ढंग से नगर कीर्तन का संचालन किया ।
नगर कीर्तन में विशेष रूप से गुरुद्वारा साहब की प्रधान रजनी अनेजा सरदार मंजीत सिंह सरदार गुरदीप सिंह सरदार रणजीत सिंह सरदार सुरजीत सिंह सरदार सतनाम सिंह सरदार जीत सिंह जुनेजा सरदार हरभजन सिंह मनीष जुनेजा संजय कोचर सुरेश अरोड़ा सुभाष कोचर ज्योति मेहंदी रत्ता साहिल खुराना गुरप्रीत सिंह ढींगरा दीपक मक्कड़ पुनीत कोचर इशांत कोचर पारस सेठी बलकिरत सिंह कपिल कोचर अमनप्रीत सिंह गुरप्रीत सिंह जुनेजा का विशेष योगदान रहा। समाप्ति के उपरांत गुरुद्वारा साहब में लंगर की व्यवस्था की गई थी। जिसको सारी संगत ने बड़े प्यार और सत्कार के साथ लंगर छका।













































































