शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षकों के शोध को भारत सरकार द्वारा पेटेंट प्राप्त होने पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, सचिव प्रोफेसर एके मिश्रा, प्राचार्य प्रोफेसर राकेश कुमार आजाद ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाईयां दी। विदित हो कि रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा परिषद द्वारा जनपद शाहजहांपुर में प्रदूषण के अध्ययन के लिए शोध अनुदान मिला है, उसी शोध में प्रदूषित जल से विषैले क्रोमियम धातु को अलग करने के लिए एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर द्वारा पृथक करने के लिए डिजाइन किए गए प्रोटोटाइप उपकरण को पेटेंट कार्यालय भारत सरकार ने मान्यता प्रदान किया है। इस पेटेंट के बारे मे बताते हुए मुख्य शोधकर्ता डॉ आलोक कुमार सिंह ने कहा कि जल में क्रोमियम प्रदूषण के प्राथमिक स्रोत शहरी, घरेलू और औद्योगिक अपशिष्टों का उत्पादन, चमड़ा उद्योग, फसलों पर कीटनाशकों और उर्वरकों का उपयोग, और जल स्रोतों में कचरे का निपटान और जमाव हैं। साथ ही वस्त्रों और कालीन के रंग, पेंट, स्याही और रंगीन प्लास्टिक भी प्रदूषण बढ़ाने में योगदान करते हैं। क्रोमियम प्रदूषित जल मानव शरीर की पाचन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल,यकृत, फेफड़े और जननांग कैंसर मूत्र, श्वसन और प्रतिरक्षा प्रणालियों की महत्वपूर्ण खराबी के लिए जिम्मेदार हो सकता है । डॉ सिंह के साथ रसायन विभाग के डॉ संदीप कुमार दीक्षित, डॉ चन्दन गिरि गोस्वामी, शशांक शेखर और मंजीत सिंह के संयुक्त टीम को पेटेंट प्राप्त होने पर महाविद्यालय के समस्त अध्यापकों ने शुभकामनाएं देते हुए हर्ष व्यक्त किया।