नेशनल हाईवे-91 गैंगरेप कांड: पांच आरोपी दोषी करार, 22 दिसंबर को सजा

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बुलंदशहर। नेशनल हाईवे-91 पर नौ वर्ष पहले कार सवार एक परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश ओपी वर्मा ने मामले में शेष पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी दोषियों को 22 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।

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यह वारदात 28 जुलाई 2016 की रात की है, जब गाजियाबाद में रहने वाला (वर्तमान में बरेली निवासी) एक परिवार कार से शाहजहांपुर अपने पैतृक गांव तेरहवीं में शामिल होने जा रहा था। रात करीब एक बजे बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास बदमाशों ने लोहे की वस्तु फेंककर कार रुकवा ली। इसके बाद तमंचे के बल पर परिवार के सभी छह सदस्यों को बंधक बना लिया गया।

बदमाश कार सवार किशोरी, उसके पिता, मां, ताऊ, ताई और तहेरे भाई को सड़क के दूसरी ओर खेत में ले गए। वहां तीनों पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए गए, जबकि 14 वर्षीय किशोरी और उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने घटना के दौरान लूटपाट भी की और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित किशोरी ने अपने बयान में बताया था कि बदमाश उसे जबरन खेत में ले गया, उसकी जेब में रखे 10 रुपये निकाल लिए और दुष्कर्म किया। उसने गिड़गिड़ाकर अपनी तबीयत खराब होने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना। बदमाश ने घटना के बारे में किसी को बताने पर पिता की हत्या की धमकी दी थी।

मामले में शुरुआत में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इस पर तत्कालीन एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई जांच में बावरिया गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई और कुल छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

मामले के दौरान एक आरोपी की बीमारी से जेल में मौत हो गई, जबकि दो अन्य आरोपियों को अलग-अलग मामलों में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। शेष आरोपियों के खिलाफ चले लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया है।

पीड़ित परिवार वर्तमान में बरेली में रह रहा है। घटना के बाद शासन की ओर से उन्हें नोएडा में एक फ्लैट आवंटित किया गया था। फैसले के दिन पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य अदालत में मौजूद नहीं रहा।

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