प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत प्रदेश के 60.63 लाख कृषको को रू0 4961.06 करोड़ फसल की क्षतिपूर्ति का किया भुगतान

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बदायूँ । भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां कृषि की विभिन्न मौसमी व बारहमासी फसलों में लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्यों में लगी रहती है जहाँ कृषि से उसे रोजगार मिलता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास में कृषि की सफलता देश को आर्थिक प्रगति के मार्ग की तरफ अग्रसर करती है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में भी कृषि क्षेत्र का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। देश के विकास में चल रही योजनाओं की सफलता में भी कृषि का योगदान होता है। मनुष्य को जीवन जीने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है। आज बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए भी जमीन से उत्पन्न होने वाली विभिन्न फसलों के अधिक उत्पादन की आवश्यकता है। विभिन्न उद्योग-धन्धे, व्यवसाय भी कृषि पर आधारित होते हैं। ऐसे में किसानों की फसलों को दैवीय आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करना जरूरी हो गया।
किसानों के हित में प्रदेश सरकार अनेकों कल्याणकारी एवं फसलोत्पादन में लाभकारी योजनायें संचालित कर उनकी आय दोगुनी करने में भरपूर सहयोग दे रही है। किसान वर्ष भर मेहनत कर खेत की जुताई. बुआई, निकाई, सिंचाई एवं खाद डालकर फसल तैयार करता है। फसलों में विशेषकर खरीफ व रबी की फसलें होती है। खेती किसानी में किसान के पूरे परिवार की मेहनत लगती है। समर्पित एवं कड़ी मेहनत करते हुए परिवार को अच्छे ढंग से पालन पोषण की आशा बनाये रखकर किसान फसल तैयार करता है। । किन्तु यदि अधिक वर्षा, आँधी, तूफान, पाला, बर्फबारी, ओले, कीट, फसल रोगो, आग आदि दैवी आपदा आ गई और फसल नष्ट हुई तो किसान की पूरी मेहनत और लागत बरबाद हो जाती है।
किसानों की इन्ही समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए देश के मा0 प्रधानमंत्री जी ने कृषकों को आर्थिक सम्बल प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को फरवरी, 2016 से पूरे देश में लागू किया है। यह योजना किसानों के लिए उनकी उपज के लिए एक बीमा सेवा है। इसका मुख्य उद्देश्य फसल की विफलता पर एक व्यापक बीमा कवर प्रदान करना है। जिससे किसानों की आय को स्थिर करने में मदद मिल सके।
इस योजना में ऋणी कृषक अनिवार्य रूप से तथा अन्य कृषक स्वैच्छिक आधार पर सम्मिलित किये गये हैं। बीमित राशि को फसल के उत्त्पादन लागत के बराबर जनपद स्तर पर अधिसूचित किया गया है। सभी फसलों हेतु वास्तविक प्रीमियम दर लागू किये गये हैं। प्रीमियम मद में कृषक की देयता को खरीफ फसल में अधिकतम 2 प्रतिशत तथा रबी फसल में अधिकतम 1.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। नकदी व औद्यानिकी फसलों हेतु प्रीमियम मद में कृषक की देयता अधिकतम 5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। कृषक द्वारा वहन किये जाने वाले प्रीमियम अंश से अधिक व वास्तविक प्रीमियम दर अन्तर की समस्त धनराशि को अनुदान के रूप में केन्द्र-राज्य द्वारा बराबर वहन किया जाता है।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में संचालित इस योजना को प्रत्येक जनपद में फसल की उत्पादन लागत के अनुरूप बीमित राशि निर्धारित की गई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल 313.76 लाख बीमित कृषकों द्वारा 274.13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का फसल बीमा कराया गया, जिसमें दैवी आपदा से नष्ट हुई फसल के कुल 60.63 लाख कृषकों को रू0 4961.06 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। वर्ष 2025-26 में खरीफ के अन्तर्गत माह अगस्त, 2025 तक कुल 19.48 लाख बीमित कृषकों द्वारा 13.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों का बीमा कराया गया है।

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