एक बार फिर जनसेवा से जनता के दिलों पर छाए भाजपा नेता डॉ शैलेश पाठक
दातागंज। जनपद में रामगंगा नदी की बाढ़ से तबाही झेल रहे हजरतपुर क्षेत्र के गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। लोग अपने घर छोड़कर अस्थायी झुग्गियों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक ने न केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया बल्कि कटरा में राहत शिविर लगाकर पीड़ितों को भोजन और चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे टीम बनाकर गांव-गांव जाएं और किसी भी पीड़ित को भूखा सोने न दें।
डॉ. शैलेश पाठक ने शुक्रवार को हजरतपुर ब्लॉक के रामगंगा नदी से सटे गांवों का दौरा किया।बाढ़ प्रभावित ग्रामों में जहां-जहां पानी का प्रकोप था, वहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत की और उनकी परेशानियों को सुना। अधिकांश लोग अपने टूटे-फूटे घरों को छोड़कर तिरपाल की झुग्गियों में रह रहे थे। कई जगह पशुओं के चारे और पीने के पानी की समस्या गंभीर थी।
लोगों ने बताया कि बाढ़ में उनकी फसलें बर्बाद हो गईं, घरों में रखा अनाज और कपड़े बह गए और रोज़मर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस पर डॉ. पाठक ने आश्वासन दिया कि हर संभव मदद दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं।
गांवों का दौरा करने के बाद डॉ. पाठक कटरा पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं की मदद से वहां चल रहे उनके विशाल राहत शिविर में हजारों बाढ़ पीड़ित परिवारों को भरपेट भोजन कराया गया।आपको बताते चलें राहत शिविर के माध्यम से लगातार पीड़ितों की सहायता की जा रही है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने राहत की सांस ली कि कम से कम दो वक्त का भोजन उन्हें उपलब्ध हो रहा है।
शिविर में शासन द्वारा नियुक्त चिकित्सक भी मौजूद रहे, जिन्होंने दस्त, बुखार और त्वचा रोगों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया। कई गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखा गया।
भोजन वितरण के दौरान डॉ. पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा –
“यह समय राजनीति का नहीं, सेवा का है। बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा बहुत बड़ी है। हर कार्यकर्ता को यह संकल्प लेना चाहिए कि कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा न सो पाए। इसके लिए गांव-गांव जाकर टीम बनाकर राहत सामग्री और भोजन पहुंचाना जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हमेशा सामाजिक सेवा के लिए आगे रहते हैं और यह संकट का समय सभी की सेवा भावना की कसौटी है।
भोजन वितरण के दौरान राहत शिविर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। डॉ. पाठक ने सभी से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबको क्रमवार भोजन और चिकित्सा सुविधा मिलेगी, इसलिए अफरा-तफरी की कोई जरूरत नहीं है।
राहत शिविर में भोजन प्राप्त कर रहे बाढ़ पीड़ितों की आंखों में संतोष और उम्मीद साफ झलक रही थी। कई लोगों ने बताया कि लगातार कई दिनों से भूखे रहना पड़ा था, परंतु आज उन्हें भरपेट भोजन और दवा मिल पाई है। ग्रामीणों ने डॉ. पाठक का आभार जताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उनका साथ उन्हें नई ताकत दे रहा है।
इस राहत शिविर में भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। भोजन बनाने, वितरण करने और शिविर को व्यवस्थित रखने में कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे। शिविर में चावल, दाल, सब्ज़ी, रोटियां और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की गई थी।
डॉ. शैलेश पाठक ने प्रशासन से अपील की कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी प्रभावित गांवों में तुरंत राशन, दवाएं और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और प्रशासन के तालमेल से ही वास्तविक राहत पीड़ितों तक पहुंच पाएगी।
डॉ. पाठक ने कहा कि सेवा का भाव ही राजनीति का वास्तविक उद्देश्य है। जनता ने हमें इसलिए चुना है ताकि संकट की घड़ी में उनकी मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक बाढ़ का संकट टल नहीं जाता, तब तक राहत शिविर लगातार चलता रहेगा।
रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में भूख, बीमारी और बेघरपन ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। ऐसे में भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक का राहत शिविर पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को बाढ़ प्रभावित गांवों में टीम बनाकर जाने का आह्वान करते हुए यह संदेश दिया है कि कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा न सोए।













































































