उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त लाखों युवाओं को मिला रोजगार
बदायूँ । उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन उत्तर प्रदेश कौशल विकास नीति, के परिप्रेक्ष्य में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, उ०प्र० शासन के अधीन, एक पंजीकृत समिति के रूप में किया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अल्पशिक्षित कक्षा 10 के पश्चात औपचारिक शिक्षा से विरत स्कूल ड्रापआउट 14-35 आयुवर्ग के छात्र-छात्राओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर, उन्हें आजीविका अर्जित करने हेतु सक्षम बनाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा विभिन्न विभागों एवं मंत्रालयों के सहयोग से कई योजनाएं संचालित की जा रही है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत स्टेट स्किल डेवलपमेंट फण्ड (एसएसडीएफ), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना राज्य घटक (पीएमकेवीवाई), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) संचालित है। इसके अतिरिक्त मिशन द्वारा विश्व बैंक पोषित संकल्प परियोजना (स्किल एक्कीजीशन एण्ड नॉलिज अवेयरनेस फॉर लाइवलीहुड प्रमोशन प्रोजेक्ट) भी मार्च, 2025 तक क्रियान्वित हुई है, जिसका उद्द्देश्य प्रदेश के स्किल ईको-सिस्टम में गुणात्मक सुधार लाना तथा वंचित समुदायों (दिव्यांगजन, महिलाएं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति) के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित करना था।
प्रदेश के स्कूलों-कॉलेजों के छात्र/छात्राओं को उनके अध्ययन काल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की संकल्पना के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों व छात्राओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण की सुविधा उनके नियमित पाठ्यक्रम के साथ उपलब्ध करायी जा रही है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक कुल 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है तथा 06 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार की दृष्टि से समस्त प्रशिक्षण केन्द्रों पर आधार इनेबुल्ड बायोमैट्रिक उपस्थिति का अंकन अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि प्रशिक्षणार्थी समय से आकर अच्छे ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करें और शासकीय धनराशि का अधिकतम सदुपयोग हो सके। प्रोजेक्ट प्रवीण के अन्तर्गत अब तक 315 राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 26 हजार से अधिक छात्र/छात्राओं का कौशल प्रशिक्षण पूर्ण किया गया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 3,450 छात्राओं को भी निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश के युवाओं को किसी भी समय किसी भी स्थान से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एन०सी०वी०ई०टी० द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रमों के डिजिटल संस्करणों को उपलब्ध कराने के लिये लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल विकसित किया गया है।
प्रदेश की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही प्रशिक्षणार्थियों को उच्चगुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण व अवस्थापना उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2017-18 में सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के मानक निर्धारित किये गये व उनके आधार पर जे. के. इन्स्टीट्यूट फॉर टेक्नीशियन ट्रेनिंग, कानपुर को उच्चीकृत कराते हुए सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के रूप में विकसित किया गया।
प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में महिलाओं के लिए संचालित की जाने वाली पिंक बस सेवा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के माध्यम से महिला वाहन चालकों के विशिष्ट प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कराया गया। 15 वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक लगभग 09 साल की अवधि में जनपद व मंडल स्तर पर 186 वृहद रोजगार मेले आयोजित किये गए हैं, जिनमें 432675 से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2023-24 में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य युवा योजना के अंतर्गत आयोजित 1624 रोजगार मेलों में कुल 2,26,278 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। चालू वित्तीय वर्ष में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर 74 जनपदों में आयोजित किए गए रोजगार मेलों में कुल 20,997 युवाओं का सेवायोजित कराया गया है।














































































