जनपद में लक्ष्य से 25 प्रतिशत अधिक लाभार्थियों का किया जायेगा चयन
बदायूं।उप कृषि निदेशक डा0 रामवीर कटारा ने अवगत कराया है कि कृषि निदेशक-उ0प्र0 कृषि भवन, लखनऊ के पत्र के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 की प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वाबलम्बन योजना (एग्री जंक्शन) कार्ययोजना प्राप्त हुयी है। योजनान्तर्गत जनपद में 15 उद्यमित केन्द्रों की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जनपद में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 25 प्रतिशत अधिक लाभार्थियों का चयन किया जायेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उनके फसल उत्पादों के लिए कृषि केन्द्र (एग्रीजंक्शन) के बैनर तले समस्त सुविधाएं ‘‘वन स्टाप शाॅप’’ के माध्यम से कृषि स्नातकों द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी, साथ ही बेरोजगार कृषि स्नातकों को रोजगार का भी अवसर प्राप्त हो सकेगा।
राज्य सरकार द्वारा कृषि प्रशिक्षित उद्यमियों को निम्न सुविधाएं प्रदान की जायेगी-
बीज लाइसेन्स शुल्क 1000 रु0 प्रति केन्द्र, उर्वरक लाइसेन्स शुल्क 1250 रु0 प्रति केन्द्र, कीटनाशी लाइसेन्स हेतु शहरी क्षेत्र के लिए शुल्क 7500 रु0 प्रति केन्द्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए 1500 रु0 प्रति केन्द्र, एक वर्ष तक के लिए परिसर के किराये की धनराशि 1000 रु0 प्रतिमाह स्वतंत्र कृषि व्यवसाय केन्द्र की स्थापना हेतु कृषि व्यवसायियों को प्रशिक्षण, बैंक से ऋण प्राप्त करने में सहायता तथा 5 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान की व्यवस्था।
पात्रताः- जनपद में निवास करने वाले कृषि स्नातक/कृषि व्यवसाय प्रबन्धन स्नातक/स्नातक, जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा-उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियाॅ, जो किसी राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालय से डिग्रीधारी है और आई0सी0ए0आर0/यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता प्राप्त हों, पात्र होंगे।
आयुः-इच्छुक अभ्यर्थी 40 वर्ष से अधिक न हों तथा अनुसूचित जाति/जनजाति/महिलाओं को अधिकतम 05 वर्ष की छूट। पात्र अभ्यार्थियों में जिनकी जन्म तिथि ज्यादा हो, उन्हें वरीयता दी जायेगी।
इच्छुक अभ्यर्थी (बेरोजगार युवक) उक्तानुसार कार्यालय से प्रार्थना पत्र का प्रारूप प्राप्त कर समस्त अभिलेखों की मूल एवं उनकी प्रमाणित छायाप्रति सहित कार्यालय उप कृषि निदेशक बदायूँ में दिनांक 27.07.2021 तक स्वयं उपस्थित होकर किसी भी कार्य दिवस में जमा करें। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।













































































