सरकार साँसद आजम खान के साथ नाइंसाफी कर रहीःपूर्व मंत्री आबिद रजा
बदायूं। पूर्व राज्यमंत्री आबिद रज़ा ने आज कहा कि सांसद आजम खान की पूरी तरह से बेहतर सेहत नहीं होने के बावजूद सरकार ने उन्हें मेदांता अस्पताल से जेल में शिफ्ट कर दिया। यह काम सरकार ने बदले की भावना से इंसानियत के खिलाफ किया। आजम खां को जानबूझकर सरकार बेहतर इलाज नहीं देना चाहती।
पूर्व राज्यमंत्री आबिद रजा ने प्रेस कांफ्रेस में कहा सरकार की नियत आजम खान के लिए ठीक नही है। आजम खान 10 बार विधायक, एक बार राज्यसभा सदस्य व मौजूदा समय में लोकसभा के सदस्य हैं । मौजूदा सांसद होने की वजह से भी आजम खान को प्रोटोकॉल के हिसाब से जनप्रतिनिधि होने के नाते बेहतर इलाज सरकार को देना चाहिए था। हाल में कोरोना संक्रमित आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल लखनऊ सीएमओ सीतापुर की रिपोर्ट के आधार पर भर्ती कराया गया था।

कुछ दिनों आजम खान की हालत सीरियस रही, लेकिन लाखों समर्थकों की दुआओं से आजम खान की हालत में सुधार होना शुरू हुआ। अभी उनकी हालत इतनी वेहतर नहीं थी उनको बेहतर इलाज के लिए बेहतर अस्पताल की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने जानबूझकर उनको मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के मकसद से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रिपोर्ट तैयार करा कर मेदांता अस्पताल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया। यह आजम खान के साथ सरकार की बहुत नाइंसाफी है। अगर जेल में बेहतर इलाज न मिलने के कारण आजम खान की हालत बिगड़ती है तो इसकी सरकार जिम्मेदार होगी।
उन्होंने कहा कि हम प्रेस के माध्यम से सरकार से पूछना चाहते हैं कि आजम खान को किस गुनाह की सजा सरकार दे रही है, क्या आजम खान का यह गुनाह है कि वह मुसलमान है या दूसरा गुनाह यह है कि आजम खां गरीब, मजदूर, मज़लूम, अल्पसंख्यकों ,नौजवानों के हक के लिए मजबूत आवाज बनते हैं या आजम खान का यह गुनाह है कि उन्होंने देश में सबसे कम फीस वाली छात्रों के लिए जौहर यूनिवर्सिटी बनाई जिसमें गरीब छात्रों को डॉक्टर, इंजीनियर व अन्य अधिकारी बनने का मौका मिल रहा है। गरीब लोग भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं । या आजम खान से सबसे बड़ा गुनाह यह हो गया कि सन २०१९ में वह रामपुर से लाखों वोटों से जीत कर सांसद बन गए। योगी सरकार ने आजम खान को हराने के लिए सारे सरकारी हथकंडे अपना दिए थे लेकिन रामपुर में आजम खान की लोकप्रियता के चलते सरकार को मुंह की खानी पड़ी।
२०१९ में लोकसभा पहुंचकर जब आजम खान ने संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी ,मेडिकल कॉलेज की चर्चा करते हुए केंद्र सरकार को घेरा। उनके भाषण को पूरे देश की जनता ने सराहा। केंद्र सरकार की आजम खान ने पोल खोली तभी से केंद्र सरकार व राज्य सरकार उन से बैर मानने लगी और दोनों सरकारों ने मिलकर आजम खान के खिलाफ पूरा खाका तैयार कर लिया।
आजम खान १० बार विधायक बने , चार बार कैबिनेट मंत्री बने लगभग ४० साल के सियासी जीवन में आजम खान के खिलाफ एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ, वहीं २०१९ में आजम खान के सांसद बनते ही केंद्र व राज्य सरकार ने साजिश करके लगभग १०० फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए। साजिश इतनी घटिया थी कि उनके परिवार में विधायक पत्नी तंजीम फातिमा व बेटे अब्दुल्लाह आजम पर भी झूठे मुकदमे दर्ज कराए । हद तो तब हो गई जब साँसद आजम खान के खिलाफ मुर्गी चोरी ,बकरी चोरी, भैस चोरी व किताब चोरी का भी मुकदमा दर्ज करा दिया ।क्या जौहर यूनिवर्सिटी बनाने वाला शख्स किताबे चोरी कर सकता है, चूंकि साँसद आजम खां व उनका परिवार बेगुनाह था, इसलिए आजम खान ने कानून का सम्मान करते हुए परिवार सहित फरवरी २०२० में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया ।
राज्य सरकार को आजम खान व उनके परिवार को जेल में डाल कर भी तसल्ली नहीं हुई अब बीमारी से जूझ रहे आजम खान को सरकार बेहतर इलाज भी नहीं देना चाहती। सियासत के इतिहास में ऐसा जुल्म पहली बार देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रेस के माध्यम से मेरा आजम खान के चाहने वालों से विशेष आग्रह है कि आजम खान के खिलाफ सरकार जो जुल्म और ज्यादती कर रही है उसको मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी ढंग से प्रोटेस्ट करके ज्ञापन देकर जिस हैसियत का साथी है वह आजम खां व उनके पुत्र अब्दुल्ला आज़म के पक्ष में सरकार के खिलाफ मजबूत आवाज उठाएं।
आजम खान पूरी अपनी सियासी जिंदगी में मज़लूमों की, गरीबों की बहुत आवाज बने उन्हें व उनके परिवार को इसी बात की सजा मिल रही है। आज उनको हमारी आवाज की सख्त जरूरत है मैं खासतौर से मुसलमान व सेकुलर हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं याद रखना कि अगर तुम लोग आज आजम खान के लिए नहीं खड़े हुए तो पूरी जिंदगी तुम्हारे हक की लड़ाई लड़ने वाला कोई दूसरा पैदा नहीं होगा ।
आखिर में हम कहना चाहते हैं कि हमें आजम खां व अब्दुल्लाह आजम की रिहाई के लिए कानून और अदालतों पर पूरा भरोसा है
सरकार जो जुल्म आजम खान को प्रताड़ित करने के लिए जेल में कर रही है उनको परेशान करने के लिए सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है उसके खिलाफ बहुत जल्दी पूरे उत्तर प्रदेश में आजम खान के समर्थकों के साथ मीटिंग करके पूरे प्रदेश में आजम खान के हक में इंसाफ के लिए अभियान चलाया जाएगा।













































































