जो श्रद्धा के भाव से आते हैं , वह पाते है जटिल रोग से मुक्ति ऋषि मुनियों की तपोभूमि है मनौना धाम : महंत ओमेंद्र

बरेली। महंत ओमेंद्र महाराज ने कहा है कि मनौना धाम जाग्रत भूमि पर खाटू श्याम का दरबार है। यहाँ कोई चमत्कार नहीं होता है , दीन दुखी लोग श्रद्धा भाव से आते है वह जटिल रोग से मुक्ति पाते है। यहाँ आडंबर ,ढोंग , तंत्र मंत्र और हवन पूजन नहीं कराया जाता , बल्कि श्रद्धा का भाव ही सबसे बड़ी औषधी है। मनौना धाम के महंत ओमेंद्र महाराज गणेश चतुर्थी के अवसर बरेली आये थे। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों और पितरों की तपो भूमि है। धाम पर जो भी चमत्कार हो रहा है वह मैं क्रेडिट अपने पितरों को देता हूँ। उन्होंने बहुत बेबाक शब्दों में कहा कि शुरुआत में जो मानता था। नब्बे परसेंट लोग नहीं मानते थे। मै कहीं कुछ नहीं होता ये सब बेकार के चोचले है पाखंड है नंबर है ड्रामा है यह सब नौटंकी है. लेकिन समय की बात 90 प्रतिशत लोग रोते हुए आते थे और हंस कर जाने लगे , तब मुझे विश्वास हुआ कि तपोभूमि पर विराजमान खाटू श्याम की कृपा है। मुझे विश्वास हो गया जो भाव से धाम पर आता है , उसे लाभ तो होना ही है। पैसे के सवाल पर महंत जी का कहना है कि यहां एक रूपया भी नहीं लिया जाता है। यहाँ न कोई मिलने की फीस है और न कोई अनुष्ठान न कोई उपाय बताया जाता है। किसी प्रकार का खर्चा वसूला नहीं जाता है। शायद यही वजह है कि चमत्कार होता है। श्याम जल पीने वाले खुद महीनों बाद वापस आकर बताते हाँ की महाराज जी कैंसर ठीक हो गया। न जाने कितने ऐसे लोग है, ठीक होने पर फॉर्चूनर हुए थार जैसी कीमती गाड़ियो का ऑफर दे रहे है। उन्होंने बहुत दृढ़ता से कहा कि जिस दिन श्रद्धालुओं से चमत्कार और कृपा को बेचना शुरू कर देंगे , सब नष्ट हो जायेगा। सूर्य हमें प्रकाश निशुल्क देता है ,ऑक्सीजन हमें निशुल्क मिलती है जिसकी बहुत बड़ी कीमत है जब इतनी बड़ी बड़ी चीजें हमें निशुल्क मिल रही है तो कृपा को कैसे बेचोगे। आज दुनिया के अन्दर बड़े बड़े लगा के दरबार लगा के लोग कृपा को बेच रहे हैं और किसी के नाखून ठीक नहीं कर पा रहे है। ल लोग भगवान का नाम लेने के पैसे ले रहे है , श्री महाराज जी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि सनातनधर्म की आड़ में धन की वसूली हो। मनौना धाम में किसी प्रकार का पाखंड नजर नहीं आएगा और जीरो बैलेंस का धाम है.यहाँ सौ बीघा में निःशुल्क पार्किंग है। अगर इतने बड़े बड़े चमत्कार किसी और के हाथ से हो रहे हो तो आप बुला नहीं सकते कि वह आपके यहाँ आने के 5 लाख, 10 लाख रुपए लेते। यहाँ गरीब अमीर एक तराजू से तौले जाते हैं। हम तो भाव के भूखे हैं सब के घर चले जाते है , किसी प्रकार की गलत फहमी नहीं है ,मुझे मालूम है एक दिन सब कुछ छोड़ के चले जाना है ।37 एकड़ पैतृक भूमि में कुछ तो है , प्रभु की इच्छा है , तभी तो अमेरिका ,ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े बड़े देशों से लोग आ रहे हैं, भारत का कोई ऐसा प्रदेश नहीं है जहाँ से जटिल रोग वाले मरीज , वेंटिलेटर , एम्बुलेंस से न आते हो , ठीक होने वाले लोग ही माउथ कन्वेशिग करते हैं धाम की। 20 से तीस हजार श्रद्धालु देश भर से प्रतिदिन आते है। हमारी किसी तरीके की सिर्फ जिला पंचायत ने रोड डलवा दिए व बिजली की व्यवस्था भी की व्यवस्था हो गई । धाम पर सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं लेते है , धाम पर सेवादार निःशुल्क सेवा देते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 35 लाख रुपए की हाई टेक हाई टैक चौकी पुलिस चौकी बनवाई है। श्रद्धालुओं की जेब न कटे इसके लिए फाइव स्टार धर्मशाला का निर्माण चल रहा है। देश के तमाम धार्मिक स्थल बिजली फ्री जलते हैं , जब की धामहर महीने साढ़े 6 लाख रुपये का बिल समय से अदा करता है। ऋषि मुनियों की इस तपो भूमि में ऐसा कोई दिन नहीं होता है , जहां सैकड़ों की संख्या में कैंसर जैसे फोर्थ स्टेज के मरीज ठीक होकर धाम पर माथा टेकने आते हैं। न जाने कितनी बहिने नवजात बच्चा लेकर खाटू श्याम के चरणों में आतीं हैं. तमाम और मर्जों के लोगों के लिए श्याम जल अमृत हो गया है। अंत में उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं को देखकर , यहाँ हो रहे चमत्कार से घमंड करने की जरूरत नहीं है, उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि घमंड अच्छे अच्छे का नहीं रहा वह क्या चीज है। पशुपति विहार कालोनी स्थित रेनू सिंह के आवास पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्री महंत जी का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर रूहेलखंड विश्व विद्यालय के सुरक्षा अधिकारी सुधांशु शर्मा, अनुज लाल , विजय लाल , शिव प्रताप सिंह यादव , श्याम वीर सिंह , निखिल प्रताप सिंह , प्रशांत सिंह सोलंकी , गरिमा शर्मा , नमिता सिंह , श्याम वीर सिंह आदि ने महंत जी का स्वागत किया।