बदायूं में अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक परियोजना शुरू,ब्याज मुक्त कर्ज मिलेगा

बदायूँ।अनफीडिंग वर्ल्ड बैंक एक अर्न्तराज्यीय परियोजना है, जो गैर संगठित क्षेत्रों के सभी किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं अन्य सभी जरूरतमंद समूहों को, सीएसआर वेलफेयर फन्ड से, अनफीडिंग वर्ल्ड बैंक जीरो डिपोजिट आरडी एकाउन्ट के द्वारा उनके सभी चिकित्सा, शिक्षा, निश्चित रोजगार प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक चयनित बिलों के भुगतान एवं छोटे घरों के लिये 2.40 लाख रूपए तथा किसी भी आवश्यकता के लिये, बिना ब्याज के ऋण, बिना किसी औपचारिकता के कैश सहायता के रूप में दुनिया में पहली बार बिल्कूल फ्री उपलब्ध करा रही है। प्रस्तावित अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंकों के लिये सभी कार्य केवल अन्तर्राज्यीय फन्डिंग एजेन्सी अन फीडिंग वर्ल्ड बैंक परियोजना द्वारा कियें जायेंगे।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत सभी जरूरतमंद लोगों के लिए अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक परियोजना का केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकास भवन लखनऊ के सभागार में शासन, प्रशासन, मीडिया एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दीप जलाकर भव्य शुभारम्भ किया गया था, तथा जिला प्रशासन द्वारा पत्रों के माध्यम से सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि अनफीडिंग वर्ल्ड बैंक परियोजना, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों एवं महिलाओं के सहायतार्थ उनको, सीएसआर वेलफेयर फन्ड से, छोटे घरों के लिये 2.40 लाख रू० एवं किसी भी आवश्यकता के लिये, बिना ब्याज के ऋण, बिना किसी औपचारिकता के. कैश सहायता के रूप में, उपलब्ध कराने के लिये विशेष रूप से संचालित की जा रही है। तथा किसी भी लाभार्थी से कोई भी अग्रिम राशी अथवा कोई भी सुविधा शुल्क नही लिया जा रहा है। इसीलिए परियोजना की स्कीमों के सम्बन्ध में किसी भी दावें एवं किसी भी दुष्प्रचार अथवा कानूनी कार्यवाही को, पूर्णतया गैरकानूनी माना जायेगा तथा कोई भी विवाद होने पर, परियोजना का निर्णय अन्तिम एवं मान्य होगा।
उन्होने बताया कि चयनित लाभार्थियों को, छोटे घरों के लिये 2.40 लाख रुपए एवं बिना किसी ब्याज के ऋण उपलब्ध कराने एवं उसकी रिकवरी के लिए, अनफीडिंग वर्ल्ड बैंक परियोजना के प्रबन्धन के लिए प्रथम चरण में. उत्तर प्रदेश के समस्त विकासखण्डों में, आउटर्सोसिग एजेन्सियों एवं लोन आफीसरों की नियुक्तियाँ, नियमानुसार, अनुबन्ध के आधार पर की जा रही है। प्रत्येक लोन आफीसर द्वारा, 250 लाभार्थियों का चयन एवं उनके एकाउन्ट खोलने पर 22 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय का भुगतान अनुबन्ध के आधार पर किया जायेगा। समस्त आउटसोर्सिंग एजेन्सयाँ, अपने विकास खण्डों के मीटिंग हालों एवं कार्यालयों का उपयोग, अधिकृत किये जाने पर कर सकेंगें।