बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा , मैं सबसे पहले जश्ने आजादी की मुबारकबाद पेश करता हूं ,आज प्रधानमंत्री ने लाल किले की फसील से भारतीय आवाम को संबोधित किया। उनका संबोधन बहुत अच्छा और देश की एकता व अखंडता के लिए बेहतरीन था ,उन्होंने भारत की तरक्की और विकास की जो बातें कही हैं उन तमाम बातों का मैं समर्थन करता हूं। मगर साथ ही प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों पर निशाना साधते हुए देश के डेमोग्राफी के बदलने की बात कह कर उन्होंने मुसलमानो पर निशाना सदा ,जो खास तौर पर असम ,बंगाल और बांग्लादेश के मुसलमानो की तरफ इशारा है- उन्होंने वह भाषा इस्तेमाल की जो भाषा असम के मुख्यमंत्री हेमंत कुमार विश्व शर्मा हमेशा इस्तेमाल करते हैं ,असम मुख्यमंत्री हमेशा आसामी और बंगाली मुसलमानो को घुसपैठिया कहकर टारगेट करते हैं, और निशाना बनाते रहे हैं ,और यही जुबान प्रधानमंत्री ने भी इस्तेमाल की। मौलाना बरेलवी ने कहा, कि नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने वोट दिया तो या जिन्होंने वोट नहीं दिया तो वह सभी के प्रधानमंत्री हैं ।भारत का मुसलमान उनको अपने देश का मुखिया मानता है और तस्लीम भी करता है ,मगर अभी जिस तरह की जुबान इस्तेमाल की वह प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देती है ।भारत के मुसलमान मोदी जी को पसंद करते है, इसलिए उनको इस तरह की जुबान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए । ये बात उनके रुतबे और मनसब के खिलाफ है।