शेखूपुर में भीषण गर्मी में पानी का संकट, लोग पानी को भटक औऱ तरस रहे,कोई नहीं सुन रहा
शेखूपुर (बदायूं)। गर्मी के इस भीषण प्रकोप में जहां शहरवासी राहत के साधन तलाश रहे हैं, वहीं समीपवर्ती कस्बा शेखुपुर के वार्ड नम्बर 12 की वाल्मीकि बस्ती के निवासी पीने के पानी के लिए भी तरस रहे हैं। पिछले दो से तीन महीनों से इस बस्ती में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन संबंधित विभाग और अधिकारी इस विकट समस्या की ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार बस्ती में पानी आपूर्ति की पाइप लाइन कई वर्षों पुरानी हो चुकी है और इसमें 12 से अधिक स्थानों पर लीकेज हो चुकी है। पाइप से रिसते पानी के चलते घरों की टंकियों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता। लोग जैसे-तैसे बाल्टियों और डिब्बों में रिसाव वाले स्थानों से पानी भरने को मजबूर हैं। इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी हो रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि इस बस्ती के अधिकतर घरों में हैंडपंप भी नहीं लगे हैं। यहां की आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है, जिससे निजी स्तर पर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर पाना भी संभव नहीं है। रही-सही कसर नलकूपों की अनियमित आपूर्ति पूरी कर देती है। कभी नलकूप चलते हैं तो कभी पूरी तरह बंद पड़े रहते हैं। बिजली की अनियमितता भी नलकूप संचालन में बड़ी बाधा बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पंचायत से लेकर जल निगम तक शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला है, समाधान नहीं। समस्या दिन पर दिन गंभीर होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन हैं। बस्ती की रहने वाली महिला बताती हैं कि सुबह चार बजे से ही महिलाएं बर्तन लेकर रिसाव वाली जगह पर जमा हो जाती हैं, ताकि पीने योग्य पानी मिल सके। “हमें न समय पर पानी मिलता है, न पर्याप्त मात्रा में। बच्चे बीमार हो रहे हैं और घर के सारे काम ठप हो जाते हैं,” उन्होंने दुख जताया। पानी की इस विकट समस्या ने गर्मी की मार को और भी असहनीय बना दिया है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वाल्मीकि बस्ती की पाइप लाइन को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए और नियमित रूप से नलकूप संचालन की व्यवस्था की जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। यदि शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बस्तीवासी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।













































































