घायल मुस्लिम युवकों से अलीगढ़ के अस्पताल में मिलने पहुँची आरएस

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बरेली। सत्ताधारी संरक्षण प्राप्त गुंडों ने अलीगढ़ में भैंस के गोश्त को गोमाँस बताकर चार मुसलमानों युवकों को जिस तरह पीट-पीटकर लहूलुहान किया है जो इस बात का पक्का सुबूत है कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज क़ायम हो चुका है। अलीगढ़ की घटना पर यह कड़ी प्रतिक्रिया नबीरा-ए-आला हज़रत व ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने दी है। उन्होंने अलीगढ़ में आरएसी से जुड़े लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल घायल युवकों और परिजनों से मिलने भेजा, जिसने उन्हें विस्तार से घटना की जानकारी दी है। अलीगढ़ में चार मुस्लिम युवकों पर ज़ुल्म और ज़्यादती की ख़बर वायरल होते ही क़ौम के दर्दमंद लोगों ने नबीरा-ए-आला हज़रत से संपर्क किया। घटना की पूरी जानकारी हासिल करने और घायल नौजवानों की हालत जानने के लिए नबीरा-ए-आला हज़रत ने अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे बरेली के मौलाना तस्लीम रज़ा से फोन पर बात की। इसके बाद मौलाना तस्लीम रज़ा के साथ मौलाना आरिफ़ रज़ा रामपुरी, डॉ. तौसीफ़ रज़ा, फ़साहत ख़ाँ, नवेद ख़ाँ, मौलाना इंतज़ार साहब आदि अलीगढ़ के अस्पताल पहुँचे। इन लोगों ने तीन घायल नौजवानों से मुलाक़ात की जबकि चौथे युवक की गंभीर हालत के कारण डॉक्टरों ने मुलाक़ात न करने की सलाह दी। प्रतिनिधिमंडल ने घायलों के भाई रिज़वान और आरिफ़ से भी बातचीत की। इसके बाद हज़रत अदनान रज़ा को पूरी जानकारी दी। उन्होंने अदनान मियाँ को बताया कि अलीगढ़ पुलिस ने 13 नामज़द और 20-25 अज्ञात के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है, जिनमें से अभी तक सिर्फ़ तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। मौलाना अदनान रज़ा ने एफ.आई.आर. की प्रति भी मंगवाई जिसमें चौथ वसूली का मामला लिखा पाया मगर मॉब लिंचिंग की धारा ग़ायब थी। घटना की जानकारी और घायलों की हालत जानने के बाद मौलाना अदनान रज़ा ने बरेली में एक बयान जारी कर कहा है कि इस मामले में पुलिस को सभी 13 नामज़दों को तुरंत गिरफ़्तार कर जेल भेजना चाहिए और जल्द से जल्द बाक़ी 20-25 अज्ञात को भी ढूँढकर सलाख़ों के पीछे भेजना चाहिए। इतना ही नहीं, यह सीधा-सीधा मॉब लिंचिंग का मामला है, लिहाज़ा इसमें मॉब लिंचिंग की धारा भी जोड़ी जाए ताकि कड़ी सज़ा से दोषियों को सबक़ मिल सके और क़ानून का राज स्थापित हो। नबीरा-ए-आला हज़रत ने आरएसी की अलीगढ़ इकाई को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों और उनके घरवालों की पूरी मदद करें। उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वह ख़ुद भी अलीगढ़ जाएंगे। मौलाना अदनान रज़ा ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में बेक़ुसूर मुसलमानों की मॉब लिंचिंग करने वालों को छुट्टा घूमने नहीं दिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने सभी दोषियों के विरुद्ध तुरंत कड़ी से कड़ी कार्रवाई न की तो आरएसी सड़क से न्यायालय तक पूरा ज़ोर लगाकर ज़ालिमों को सज़ा दिलाएगी।
मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने कहा कि सत्ता का संरक्षण पाने वाले गुंडे अगर यह सोचते हैं कि वो जब जो चाहें करते रहेंगे और उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है तो यह उनकी ग़लतफ़हमी है। उन्होंने कहा कि अमनपसंद होने और बुज़दिल होने में जो फ़र्क़ है उसे हम ख़ूब समझते हैं। मुसलमान खेत से लेकर सरहद तक मुल्क की ख़िदमत में बराबरी का शरीक है, उसे दूसरे दर्जे का नागरिक समझकर कुछ गुंडे इस तरह आए दिन क़ानून हाथ में लेंगे तो आरएसी ख़ामोश नहीं बैठेगी। नबीरा-ए-आला हज़रत ने कहा कि गुंडों ने अपने राजनीतिक आक़ाओं के बल पर पूरे देश-प्रदेश में आतंक फैला रखा है। कभी सड़क पर तो कभी ट्रेन में मुसलमानों पर हमले किए जा रहे हैं। बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सत्ताधारी नेता ऐसी घटनाओं पर क़ानून और इंसाफ़ की बात करने की औपचारिकता तक निभाने की ज़रूरत नहीं समझते। इससे साफ़ है कि इन गुंडों को सत्ता का संरक्षण हासिल है और उत्तर प्रदेश में गुंडाराज क़ायम हो चुका है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की ज़िम्मेदारी बनती है कि मज़लूमों के साथ न्याय करें ताकि मुल्क के हालात बिगाड़ने की साज़िश नाकाम की जा सके।

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