द्धालुओं ने नाच गाकर पुष्प वर्षा कर धूमधाम से भगवान का जन्म उत्सव मनाया
बरेली। श्री आनंद आश्रम मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत अमर कथा के चतुर्थ दिवस पर कलयुग में श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है कल वृक्ष मंत्र अर्थ धर्म और काम ही दे सकता है पर मुक्ति और भक्ति नहीं दे सकता है पर श्रीमद् भागवत तो दिव्या कल्पतरु है यह अर्थ धर्म काम के साथ-साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त करता है नैमिषारण्य तीर्थ में इस दिव्य कथा के श्रवण से तत्व ज्ञान की प्राप्ति हो जाती है श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास महामंडलेश्वर आचार्य संजीव कृष्ण जी महाराज ने भक्तों को सुनाएं कथा के चौथे दिन कथा व्यास जी ने भीष्म पितामह श्री कृष्णा गाथा और राम जन्म का मनमोहक प्रसंग सुनाया कथा व्यास संजीव कृष्ण जी ने श्रीमद् भागवत कथा के मनमोहक प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा में बताया कि सत्य से सत्य की ओर प्रकाश की ओर पाप से पुण्य की ओर जाने के लिए भगवान का भजन हम सभी को करना अनिवार्य है श्री कृष्ण जी की कथा सुनाते हुए कहा कि वह हमारे जीवन बल्लभ हैं हमारे प्राण हैं आज की कथा में जैसे ही श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग आया तो पूरे पंडाल में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयकारों की गूंज रही गाजे बाजे और शहनाई की धुन पर श्रद्धालु झूम झूम कर नाचने लगे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर पूरे पंडाल में महिलाएं बच्चे और बूढ़े सभी श्रद्धालुओं द्वारा नाच गाकर और पुष्प वर्षा कर धूमधाम के साथ भगवान का जन्म उत्सव मनाया महाराज श्री जी द्वारा एकादशी व्रत महत्व की कथा भागीरथ राजा की तपस्या के फल स्वरुप गंगा और करण की कथा का भी सुंदर चित्रण किया उन्होंने तथा को विस्तार देते हुए सूर्यवंश और चंद्रवंश के और बहुत ही सुप्रसिद्ध भजन के साथ नंदोत्सव मनाया भारत में कैसे आऊं यूं बोल कृष्ण मुरारी मुझे चाहिए लाखों गए मेरा काम चलाना सुनकर भक्ता भक्ति की मस्ती में झूम उठे। इस लेख में और भी विवरण जोड़े जा सकते हैं जैसे कि कथा के दौरान भक्तों की भावनाएं और प्रतिक्रियाएं, महामंडलेश्वर जी के प्रवचन की विशेषताएं और उनके द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण संदेश, कथा के आयोजन के पीछे के प्रयास और समर्पण , भक्तों द्वारा किए गए अनुष्ठानों और पूजाओं का विवरण ,कथा के बाद भक्तों की प्रतिक्रियाएं और अनुभव।













































































