बिल्सी।नगर के बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में भारतीय भाषा समर कैंप के तृतीय दिन विद्यार्थियों में अंग्रेजी व मातृ भाषा हिंदी के अलावा अन्य तृतीय भाषा की जानकारी व भविष्य में उसके के प्रति जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सात दिवसीय इस समर कैंप में क्रमवार अलग अलग दिनों में संस्कृत व उर्दू भाषा की व्यवहारिक रूप से मूल समझ के साथ उसके इस्तेमाल व सांस्कृतिक, कलात्मक एवं सरचनात्मक पहलुओं के प्रति विद्यार्थियों को प्रेरित व अभ्यास कराया जायेगा। यह रचनात्मक पहलु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत सी०बी०एस०ई० द्वारा के दिशा निर्देशन में आरम्भ की गयी है जिसके अंतर्गत विभिन्न भारतीय भाषाओं की विविधता की समरसता का पोषण किया गया। मूल रूप से विभिन्न भाषाओं की समझ कम उम्र में ही विकसित की जा सकती है एवं मूल भाषाओं के आलावा जब बच्चा अन्य भाषा सीखता है तो सम्मिश्रित भाषाओं के माध्यम से अपने विचारों को अधिक प्रभावी ढंग से रखने में सक्षम होता है व आत्मविश्वासी भी बनता है। इस अवसर पर विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय व विद्यालय प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा कि भाषा की शक्ति को समझना और उसका सही उपयोग करना विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि यह समर कैंप हमारे विद्यार्थियों को भाषाई ज्ञान और सांस्कृतिक समझ के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करेगा। इस अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी तथा समस्त स्टाफ मौजूद रहा |