बदायूं में नालों पर अवैध निर्माण करने वालों पर सख्ती: 12 कब्जाधारकों को नगर पालिका ने थमाया नोटिस, 7 दिन में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम
बदायूं। नगर पालिका प्रशासन ने शहर के नालों पर अवैध कब्जा कर बनाए गए पक्के निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नगर मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी अधिशासी अधिकारी सुरेश पाल ने बताया कि शहर में नालों को पाटकर स्लैब डालने और पक्के निर्माण करने वाले 12 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि सभी कब्जाधारक सात दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाएं, अन्यथा पालिका द्वारा उक्त अवैध निर्माण को ध्वस्त कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई का पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूला जाएगा। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में साफ लिखा गया है कि नालों को पाटकर बनाए गए मकान, दुकान, चबूतरे, शौचालय और सीवरेज कनेक्शन जल निकासी को बाधित कर रहे हैं। इन अतिक्रमणों के कारण बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे क्षेत्रीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर मजिस्ट्रेट सुरेश पाल ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह जनहित को ध्यान में रखकर की जा रही है। बरसात का मौसम नजदीक है, ऐसे में अगर नालों की सफाई व जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, तो शहर के कई इलाकों में जलभराव विकराल रूप ले सकता है। नाले की सतत सफाई और पानी के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अतिक्रमण हटाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। लोटनपुरा क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक मुख्य नाले को पूरी तरह पाटकर उस पर स्लैब डालकर भवन/दुकान का निर्माण कर लिया गया है, जिससे जल प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर पालिका ने निर्देश दिया है कि कब्जाधारक सात दिन के भीतर नाले पर चार गुणा चार फीट का मेन होल बनवाना सुनिश्चित करें ताकि सफाई कार्य नियमित हो सके। ऐसा न करने पर पालिका विधि अनुसार कार्रवाई करेगी और निर्माण को खुद ध्वस्त करेगी। इसी प्रकार एक अन्य नोटिस में सुनील पुत्र सरनलाल लोटनपुरा निवासी को अवगत कराया गया है कि उसने लगभग नौ गुणा दस मीटर क्षेत्रफल में नाले पर स्लैब डालकर शौचालय और सीबी (सीवर बॉक्स) बनवा कर उसे भवन में सम्मिलित कर लिया है, जिससे पूरे मोहल्ले में जलभराव हो गया है। प्रशासन ने इसे गंभीर जनहित का उल्लंघन मानते हुए सात दिन में स्वयं निर्माण हटाने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है। जहां कुछ लोगों ने इसे जरूरी कदम बताया है, वहीं कुछ प्रभावित व्यक्तियों ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति भी जताई है। हालांकि, नगर पालिका का कहना है कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित में चलाया जा रहा है। पालिका के अनुसार भविष्य में ऐसे सभी अवैध अतिक्रमण चिन्हित कर हटाए जाएंगे। जिन लोगों ने सार्वजनिक नालों को पाटकर निर्माण कर लिए हैं, वे समय रहते स्वयं हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दें अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। नगर पालिका प्रशासन ने चेताया है कि आगे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर नगर पालिका अधिनियम के तहत जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।













































































