भाई ने कराया भाई का अपहरण , भाई सहित 8 लोग मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार
बरेली : अपहरण करके फिरौती मांगने वाले गैंग के 8 लोगों को बरेली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है ,तथा अपहृत व्यक्ति को भी बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपहरण कर्ताओं के पास से तमंचे , कारतूस, घटना में प्रयुक्त एक फर्जी नंबर टाटा जेस्ट कार ,एक ईको कार ,09 मोबाईल फोन ,तीन तमन्चें 315 बोर, चार खोखा कारतूस और एक संदूक बरामद किया हैं।

घटना का विवरण
हरदोई जिले का रहने वाला हरीश कटिहार बांदा में रहकर अंडे का कारोबार करता था। जिसका अपहरण हो गया। जिसका मुकदमा बांदा में पंजीकृत किया गया था। इधर थाना बारादरी में अनूप कटियार की पत्नी ने 19 जनवरी को अपने पति अनूप कटियार के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बरेली पुलिस इस मामले में तत्परता से लग गई। घटना के खुलासे के लिए टीमें लगाई गई जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी बहेड़ी अरुण कुमार सिंह, थाना प्रभारी बारादरी धनंजय पांडेय ,तथा थाना भोजीपुरा प्रभारी प्रवीण सोलंकी की टीमें मामले की छानबीन में जुड़ गईं। पुलिस ने परतें खोलना शुरू की तो भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मियांपुर से हरीश कटियार को एक घर से बरामद किया गया, जिन्हें कमरे में बंद करके ताला मारकर रखा गया था। मकान मालिक उदित पुत्र राकेश, उमाशंकर पुत्र ओमप्रकाश निवासी मियांपुर थाना भोजीपुरा तथा खाने की आपूर्ति करने वाली लाली पत्नी अंकित उर्फ विनीत निवासी मियांपुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया ।पूछताछ करने पर बताया कि उन्हें यहां पर रखने के लिए अनूप कटियार, अंकित उर्फ विनीत, खेमेन्द्र, शाहिद, ललित, आकाश, रजत उर्फ रमेश तथा वीरु उर्फ वीरपाल दो गाड़ियों से दो दिन पहले रात में करीब 10-11 बजे उनकी निगरानी में छोड़कर गये थे और कहा था कि इसके बदले में उन्हें पैसे दिए जाएंगे। आज वह लोग हरीश को लेने आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें भोजीपुरा थाना क्षेत्र में घेरने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। बदमाशों की फायरिंग से वरिष्ठ उप निरीक्षक रोहित शर्मा तथा हेड कांस्टेबल असलम घायल हो गए। बदमाशों ने पुलिस पर 8 राउंड फायरिंग की वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 10 राउंड फायरिंग की गई जिसमें बदमाश अंकित उर्फ विनीत कटियार, शाहिद, वीरु उर्फ वीरपाल घायल हो गए।

अपहृत हरीश कटियार ने पूछताछ के दौरान बताया कि अनूप सिंह कटियार और वह चचेरे तहेरे भाई हैं ,वो कई बार अनूप कटिहार मदद कर चुके हैं एक बार 50,000 रुपए , एक बार डेढ़ लाख रुपए दे चुका है ,तथा आए दिन उसकी मदद करता रहता है । घर में आर्थिक तंगी होती है तब भी वह मदद करता है। वहीं उससे अनूप द्वारा फिर पैसे की मांग की जा रही थी ,मगर उसके पास पैसे नहीं थे ,दूसरी बात यह की अनूप ने पैसे लेकर वापस नहीं किए थे जिसके चलते अनूप को पैसे नहीं दिए। इसी के खुन्नस रखकर उसने अपहरण किया है। उसने बरेली पुलिस को धन्यवाद दिया साथ ही उसने कहा कि यदि पुलिस उसे बचाकर नहीं लाती तो उसकी हत्या कर दी जाती। वहीं एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि यह गिरोह अपहरण करने का ही काम करता है। इससे पहले भी यह अपहरण दो लोगों का अपहरण करने प्रयास कर चुका है, मगर सफल रहा है। गिरोह के कुल 11 लोग हैं जिसमें वो लोग भी शामिल है जिसने इस अपहरण में अपहर्ता को अपने पास रखा ,कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभी गिरोह के 3 सदस्य बाकी है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। अनूप सिंह कटियार के अपहरण की झूठी कहानी इसलिए रची गई थी, ताकि पुलिस भ्रमित हो जाए और ऐसा प्रतीत हो कि हरीश कटियार और अनूप सिंह कटियार दोनों का अपहरण हुआ है। अनूप सिंह कटियार की पत्नी से फिरौती के 15 लख रुपए मांगे गए थे। अपहरणकर्ता हरीश कटिहार को लगातार दारू पिला रहे थे और पानी भी नहीं देते थे, जिससे कि उसका नशा कम ना हो। अब यह लोग हरीश कटियार को मारकर उसकी लाश को ठिकाने लगाने वाले थे , जिसके लिए यह जगह की तलाश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त दो कारें, तीन 315 बोर के तमंचे, कारतूस ,9 मोबाइल और तीन का बक्सा जिसमें जिसमें हरीश को बंद करके लाया गया था तथा मौके से शराब की बोतल इत्यादि बरामद हुई हैं । पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। मामले में लगी टीमों को एसएसपी द्वारा 25,000 के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है, साथ ही उनका कहना है कि आईजी और एडीजी द्वारा भी इस पुरस्कार को बढ़ाने के लिए कहा जाएगा।













































































