छः दिवसीय वर्चुअल लैब कार्यशाला का व्याख्यान के साथ हुआ समापन
बदायूँ। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग एवम आईआईटी कानपुर द्वारा चलाई जा रही छः दिवसीय राष्ट्रीय वर्चुअल लैब कार्यशाला का आज समापन हो गया। बरेली मुरादाबाद मंडल की क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ संध्या रानी शाक्य ने वर्चुअल लैब कार्यशाला के फीडबैक के रूप में हर्ष एवं गर्व की अनुभूति को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए राजकीय महाविद्यालय बदायूं के प्राचार्य डॉ नरेंद्र बतरा के नेतृत्व में महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग ने पूर्व वर्षों की भांति आईआईटी कानपुर के साझा सहयोग से बीएससी प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष तथा तृतीय वर्ष के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत वर्चुअल प्रयोगशाला पाठ्यक्रम को संपादित कराने के लिए संपूर्ण देश के 18 राज्यों के 1538 पंजीकृत विद्यार्थियों एवं भौतिक विज्ञान के प्राध्यापकों को लाभान्वित किया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने जोर देकर कहा कि गर्व की बात है कि देश भर के लगभग 988 ऐसे प्राध्यापक एवं विद्यार्थी भी हैं जिन्होंने पंजीकरण की आवश्यकता ना समझ कर कार्यशाला के व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर इसकी उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। कार्यशाला में देशभर के सभी प्रतिभागी विद्यार्थीयों एवं प्राध्यापकों से आशा करती हूं कि राजकीय महाविद्यालय बदायूं द्वारा आईआईटी कानपुर के माध्यम से उपलब्ध कराए गए इस प्लेटफार्म का लाभ आप सभी को अवश्य हुआ होगा। डॉ संध्या ने देश भर के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आप सभी से आशा की जाती है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को क्रियान्वित करने के लिए अपने अपने स्तर से इसी तरह के प्रयास जारी रखें।

ताकि सरकार की आकांक्षाओं के अनुरूप निर्धारित समय से भारतीयता आधारित शिक्षा को लागू करने में आपका भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो सकेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यशाला के संयोजक डॉ संजीव राठौर ने विधिवत रूप से पूर्व दिनों की भांति बीएससी पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम के लिए व्याख्यान आयोजित कराया। दिल्ली विश्वविद्यालय की मैत्रेई कॉलेज की भौतिक विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफसर डॉ पूनम जुनेजा ने स्पेक्ट्रोमीटर नामक प्रयोग वर्चुअल माध्यम से कराकर रिफ्रैक्टिव इंडक्स, डिस्पर्सिव पावर आफ द मटेरियल ऑफ़ ए प्रिज्म, तथा कोशी कांस्टेंट की कार्य विधि समझाकर प्रतिभागियों के विभिन्न सवालों का समाधान भी किया। समापन समारोह कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नरेंद्र बतरा ने सभी का स्वागत किया। भौतिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ श्रद्धा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी देशभर के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद दिया। आईआईटी कानपुर की वर्चुअल लैब्स सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट सुमन त्रिपाठी ने राजकीय महाविद्यालय में आयोजित 6 दिवसीय कार्यशाला कि सराहना की। तथा इस कार्यशाला को भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। कार्यशाला में पीएसआईटी कानपुर की डॉ अपर्णा दीक्षित, मुम्बई विश्वविद्यालय की डॉ भारती पाटिल, रुड़की की प्रोफेसर दो बंदिता श्रीवास्तव, मुंबई विश्वविद्यालय के जलगांव से प्रोफेसर दिगंबर एम. सपकाल, बरेली कॉलेज बरेली से डॉ सुंदर सिंह, पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकरी एवं भौतिकविद डॉ आर पी यादव आदि उपस्थित रहे। तकनीकी सहयोग महाविद्यालय के बीएससी पंचम सेमेस्टर के अली राजा ने किया।













































































