इलाज से साथ बीमारी की रोकथाम भी जरूरीः देव मूर्ति

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बरेली। बीमारी का उपचार जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरत बीमारी के रोकथाम की है। बीमारी को बढ़ने से रोकने की है। इसके लिए जागरूकता जरूरी है और यह काम उपचार के साथ साथ ही किया जा सकता है। यह बात एसआरएमएस मेडिकल कालेज में रविवार 8 सितंबर को ओरल कैंसर पर आयोजित सीएमई के उद्घाटन सत्र में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति ने कही। उन्होंने कहा कि ट्रामा की रोकथाम नहीं की जा सकती लेकिन अन्य सभी बीमारियों को सतर्कता और जागरूकता से काफी हद तक कम किया जा सकता है। बस इसके लिए इच्छाशक्ति और समाजसेवा की भावना चाहिए। जो चिकित्सकीय पेशे के लिए महत्वपूर्ण है। समाजसेवा को महत्व देने और बिला वजह का ट्रीटमेंट न करने से उपचार का खर्च भी कम किया जा सकता है। इसे ध्यान में रख रख कर ही सभी चिकित्सकों को इलाज करना चाहिए। वाजिब कीमत पर अच्छा और सहानुभूति पूर्ण ट्रीटमेंट करने वाला चिकित्सक ही समाज में अपना विशिष्ट स्थान बनाता है।एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के सर्जिकल ओंकोलॉजी डिवीजन की ओर से रविवार सुबह नौ बजे से एक दिवसीय सीएमई आरंभ हुई। उद्घाटन सत्र में सीएमई के आर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डा.रोहित शर्मा ने अतिथियों सहित सभी का स्वागत किया। ओरल कैंसर की भयावहता के साथ इसकी रोकथाम, इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीक की भी जानकारी दी। कोक्लियर इंप्लांट के बारे में बताया और इसके लिए धन की कमी को आढ़े न आने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट के सहयोग से कभी भी किसी मरीज का उपचार यहां पर धन की कमी से नहीं रोका गया। एसआरएमएस मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डा.एमएस बुटोला ने कालेज की उपलब्धियों की जानकारी को साझा किया।

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उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ ही वाजिब कीमत पर उपचार की वजह से ही एसआरएमएस मेडिकल कालेज पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का प्रमुख कैंसर सेंटर है। सीएमई के आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डा.शुभांशु गुप्ता ने सीएमई में शामिल सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया और आभार जताया। सीएमई में नारायणा के सीनियर कंसल्टेंट व ओंकोलाजिस्ट सर्जन डा.देबाशीष चौधरी ने एडवांस स्टेज के ओरल कैंसर के सर्जिकल मैनेजमेंट, मनिपाल हास्पिटल नई दिल्ली के मेडिकल हिमेटोओंकोलाजिस्ट डा.पियूष बाजपेयी ने ओरल कैंसर में टार्गेटेड ट्रीटमेंट से बेहतर परिणाम, जेएलएन भोपाल के सर्जिकल ओंकोलाजिस्ट डा.शुभम पांडेय ने इलाज में इंफ्रा टेमपोरल फोसा की भूमिका, मैक्स साकेत नई दिल्ली के सर्जिकल ओंकोलाजिस्ट डा.अक्षत मलिक हेड एंड नेक सर्जरी के उपाचार की अत्याधुनिक तकनीकों और उसके प्रभाव, आईजीएमसी शिमला के ईएनटी विशेषज्ञ डा. जगदीप ठाकुर ने हेड एंड नेक कैंसर की चुनौतियां, इनका सीमित संसाधनों में इसका मैनेजमेंट विषय पर अपना व्याख्यान दिया। इनके साथ ही डा.रोहित शर्मा, डा.नीरज प्रजापति, डा.शोभित शर्मा, डा.आयुष गर्ग, डा.हिमांशि खट्टर और सीएमई के ज्वाइंट आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डा.सिद्धांत सिंह ने भी अपने- अपने विषयों पर व्याख्यान दिया। उद्घाटन सत्र का संचालन डा.राशिका सचान ने किया। इस मौके पर एसआरएमएस मेडिकल कालेज के डायरेक्टर आदित्य मूर्ति जी, सीएमई के आर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डा.पियूष कुमार, एडवाइजर डा.एसके सागर, डा.बिंदु गर्ग, डा.ललित सिंह, डा.मिलन जायसवाल, डा.मनोज टांगड़ी, डा.शशांक शाह, डा.अभिनव सहित सभी विभागाध्यक्ष, एसआर, जेआर और फैकेल्टी मौजूद रहे।

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