चुनावों में बेईमानी न होती तो जीतते 50 से ज्यादा लोकसभा सीटें, अधिकारियों ने की गड़बड़ी
लखनऊ। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सत्ता के इशारे पर अधिकारियों ने बेईमानी नहीं की होती तो समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन 50 से ज्यादा सीटें जीतती। भाजपा सरकार ने किसानों, नौजवानों और व्यापारियों समेत सभी वर्गों को को धोखा दिया। भाजपा ने जनता से झूठे वादे किए। लोगों को बिजली नहीं मिल रही है। केवल बिजली का बिल आता है। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई । नौजवानों को नौकरी और रोजगार नहीं मिला। भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे। भाजपा सरकार जानबूझकर पेपर लीक कराती रही, जिससे नौकरी और आरक्षण न देना पडे़। विसंगतिपूर्ण जीएसटी से व्यापार बर्बाद हो गया। महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। हर विभाग में भ्रष्टाचार है। बजट की लूट मची है। प्रधानमंत्री ने जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, वह अभी से रिपेयरिंग मांग रहा है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने लखनऊ में एक भी बड़ा काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल सकता। हर वर्ग में निराशा है। उत्तर प्रदेश भाजपा से मुक्त होगा तभी जनता को अन्याय, अत्याचार, गरीबी, बेरोजगारी, मंहगाई से मुक्ति मिलेगी। लोकसभा चुनाव में बड़ी हार के बाद भी भाजपा के बड़बोले नेता डीगें हांकने से बाज नही आ रहे है। भाजपा सत्ता का प्रयोग जनता के हित में करने के बजाए उसका दुरुपयोग कर रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपीएससी में लेटरल एंट्री के पिछले दरवाजे से आरक्षण को नकारते हुए नियुक्तियों की साजिश आखिरकार पीडीए की एकता के आगे विफल हो गई है। सरकार को अब अपना ये फैसला भी वापस लेना पड़ा है। भाजपा के षड्यंत्र अब कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, ये पीडीए में आए जागरण और चेतना की बहुत बड़ी जीत है। पीडीए इन परिस्थितियों में समाजवादी पार्टी ‘लेटरल भर्ती’ के खिलाफ 2 अक्तूबर से शुरू होने वाले आंदोलन के आह्वान को स्थगित करती है। साथ ही ये संकल्प लेती है कि भविष्य में भी ऐसी किसी चाल को कामयाब नहीं होने देगी व पुरजोर तरीके से इसका निर्णायक विरोध करेगी। जिस तरह से जनता ने हमारे 2 अक्तूबर के आंदोलन के लिए जुड़ना शुरू कर दिया था। ये उस एकजुटता की भी जीत है। लेटरल एंट्री ने भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।













































































