यज्ञ तीर्थ गुधनी में यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन रात्रि में हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य पाठ किया

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बिल्सी।यज्ञ तीर्थ गुधनी में चल रहे यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन रात्रि में कवि सम्मेलन हुआ । वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप के निर्देशन में सर्वप्रथम ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना की गई , पश्चात मुरादाबाद से पधारी डॉ अंजू सिंह ने .सरस्वती वंदना प्रस्तुत की । उन्होंने काव्य पाठ करते हुए बेटियों को सावधान किया.. दिल के बंधन से निकल कर करना
मत किसी सोच में ढलकर करना
कुछ दरिन्दे तुम्हें लुभाएंगे लड़कियों प्यार संभाल कर करना
अलीगढ़ से पधारे वेद प्रकाश मणी ने राष्ट्रभक्ति के भाव जगाए
अमर वीरों का बलिदान अभिमान तिरंगा
मां भारती की आरती सम्मान तिरंगा
झुकने न देंगे आन बान शान तिरंगा
मुरादाबाद से आए प्रवीण राही राष्ट्रभक्ति की ही भावना को जागते हुए पढ़ा
जो बंदे इधर से उधर जा रहे थे सब अब मैंने पूछा तो हकला रहे थे
करें गर्व कैसे ना उन सैनिकों पर
तिरंगे में लिपटे जो घर जा रहे थे
डॉ उपदेश शंखधार ने कई मुक्तक सुनाएं
जिसे सुनकर देशभक्ति मन में न जगे
ऐसी हो कहानी तो कहानी किस काम की
जो न निज देश और धर्म हेतु भर रुके
ऐसे आदमी की जिंदगानी किस काम की
टूंडला से पधारे हास्य कवि लटूरी लट्ठ ने देर तक लोगों को खूब हंसाया
वह हिंदी के दम सारी दुनिया डोल लेता है
अंग्रेजी तो पउआ पीकर भी बोल लेता है
प्रतापगढ़ से पधारे सुरेंद्र सुमन ने कई गीत सुनाए
जीवन चाहे मिट जाए लाज नहीं जाने दूंगी
चित्तौड़ धरा के वीरों का अभिमान नहीं जाने दूंगी
गाजियाबाद से पधारे डॉ जयप्रकाश मिश्रा ने हास्य कविताएं सुना कर के सबको खूब गुदगुदाया
ढली है चांदनी लेकिन सितारे और बाकी है
अभी जल्दी कहां की है नजरे और बाकी है
सफेदी देख बालों की बुढ़ापा मत समझ लेना
बुझी है आज बाहर से अंगारे और बाकी हैं
अध्यक्षता कर रहे गीतकार नरेंद्र गरल ने गजल के कई शेर सुनाएं
सदाचार से जग जीता जा सकता है
बालक ध्रुव बनकर ईश्वर पा सकता है
जिसे रतन पा लेने की बेचैनी है
वहीं ढूंढ कर कोहिनूर ला सकता है
संचालन कर रहेआचार्य संजीव रूप नेकई गीत सुनाए । उनका यह गीत बहुत सराहा गया
जो लुट गया है उसे सारे थूकते हैं यहां
जो लूट लाया उसे सारे पूजते हैं यहां
देर रात तक चल कवि सम्मेलन मेंभारी संख्या में स्त्री पुरुषतथा अनेक क्षेत्रों से आए काव्य प्रेमी डटे रहे । कार्यक्रम मेंसभी कवियोंतथायज्ञ सहयोगियों तथा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन आचार्य संजीव रूप ने किया

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