मेरठ कैंट विधानसभा सीट के बढ़े मतदान से रोचक हुआ लोकसभा चुनाव, विपक्ष की बढ़ सकती है मुसीबत

मेरठ। लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सभी पार्टियां बूथवार समीक्षा में जुटी हैं। हर कोई अपनी हार-जीत का आंकड़ा लगाने में लगा है। मतदान प्रतिशत के घटने के बाद तमाम जगहों पर जीत का गणित चौंकाने वाला हो सकता है। 2022 के ट्रेंड की बात करें तो हापुड़-किठौर में सबसे कम मतदान हुआ है।ऐसे में दोनों विधानसभा सीट से रिजल्ट भी अलग ही देखने को मिल सकता है। 2022 के मुकाबले कैंट में 684 वोट ज्यादा पड़े हैं तो वहीं, चारों विधानसभा क्षेत्र में 66523 वोट कम पड़े हैं। ऐसे में कैंट के बढ़े मतदान से चारों विधानसभा सीटों का समीकरण बदल सकता है। 2022 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें तो लोकसभा चुनाव में सबसे सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत हापुड़ विधानसभा में गिरा है। यहां पर 2022 के विधानसभा चुनाव में दो लाख 46 हजार 567 वोट यानि 66.91 फीसदी वोट पड़े थे। इस चुनाव में यहां पर नौ फीसदी से ज्यादा मतदान घटा है। यहां 57.44 फीसदी चुनाव हुआ है। 2022 के चुनाव में यहां पर भाजपा के प्रत्याशी विजयपाल सिंह ने विपक्ष के गजराज सिंह को 7034 वाेटों से हराया था। दूसरे नंबर पर सबसे कम मतदान किठौर में हुआ है। 2022 में 69.45 फीसदी चुनाव हुआ। इस बार यह आठ फीसदी घटकर 61.88 फीसदी ही रह गया है। यहां पर विधानसभा चुनाव में सपा के शाहिद मंजूर ने भाजपा के सत्यवीर त्यागी को 2180 वोटों से हराया। तीसरे नंबर पर दक्षिण विधानसभा सीट का वोट प्रतिशत घटा है। यहां पर 2022 में 61.99 फीसदी यानि 298393 वोट पड़े थे।लोकसभा चुनाव में यह चार फीसदी घटकर 57.44 रह गया है। यहां पर विधानसभा चुनाव में भाजपा के सोमेंद्र तोमर ने सपा के आदिल चौधरी को 7942 वोटों से हराया था। शहर विधानसभा क्षेत्र में 2022 में 64.55 फीसदी वोट पड़े, इस बार के लोकसभा चुनाव में यहां पर तीन फीसदी मतदान घटकर 61.88 फीसदी वोट पड़े हैं। यहां पर सपा के रफीक अंसारी ने भाजपा के कमलदत्त शर्मा को 26045 वोटों से हराया। कैंट विधानसभा क्षेत्र में 2022 के मुकाबले मतदान प्रतिशत बढ़ा है। यहां पर विधानसभा चुनाव में 55.78 फीसदी मतदान हुआ। इस बार यहां पर एक फीसदी मतदान बढ़कर 56.84 फीसदी पहुंच गया। यहां विधानसभा चुनाव में भाजपा के अमित अग्रवाल ने रालोद की मनीषा अहलावत को 1 लाख 18 हजार 72 वोटों से हराया था। 2022 के ट्रेंड पर नतीजे आए तो विपक्ष को कैंट से बड़ी मुसीबत हो सकती है। ये इकलौती सीट है जहां पर वोट प्रतिशत कम होने की बजाय बढ़ा है। हापुड़ विधानसभा में 2022 के मुकाबले 19561 वोट कम पड़े हैं। किठौर विधानसभा में 25627 वोट कम पड़े हैं।दक्षिण विधानसभा में 12728 वोट कम पड़े हैं। शहर विधानसभा में 8607 वोट कम पड़े हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र में सबसे उल्टा हुआ है। यहां पर 684 वोट विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार बढ़ गए हैं। यानि 2022 के मुकाबले हापुड़, किठौर, दक्षिण और शहर विधानसभा सीट पर कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव में 66523 वोट कम पड़े हैं। ऐसे में कैंट विधानसभा के नतीजे सभी चारों सीटों के गणित को बिगाड़ सकते हैं।