भारत की पहली 4000 किमी की पद यात्रा का महाराष्ट्र वन एवम संस्कृति मंत्री द्वारा अभिनंदन
मुंबई। अयोध्या से रामेश्वरम तक 4000 किलो मीटर की पद यात्रा कर इतिहास बनाने वाली शिप्रा पाठक का मुंबई में वन एवम संस्कृति मंत्री ने किया स्वागत माता सीता के बाद अयोध्या से रामेश्वरम तक भारत की पहली मातृ शक्ति के रूप में पद यात्रा कर इतिहास बनाने वाली वाटर वूमन शिप्रा पाठक का आज मुंबई में वन एवम संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने स्वागत किया। आपको बताते चलें शिप्रा पाठक ने सरयू से सागर तक राम जानकी वन गमन पद यात्रा 27 नवंबर को अयोध्या से प्रारंभ की थी जो उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र,कर्नाटक होते हुए 10 मार्च को रामेश्वरम पहुंची थी। शिप्रा इस यात्रा के माध्यम से राम जानकी वन मार्ग में पड़ने वाली भारत की मुख्य नदियां सरयू,गंगा,यमुना,सरस्वती,गोमती,नर्मदा,मंदाकिनी, कृष्णा,गोदावरी,तुंगभद्रा, वैगई जैसी मुख्य नदियों के जल को एकत्र कर भारत के अति प्राचीन शिवालय पर अर्पित करके जगह जगह लोगों को नदी संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। वाटर वूमन शिप्रा ने अपनी पद यात्रा के दौरान अयोध्या से रामेश्वरम तक राम जानकी वन मार्ग के पद चिन्ह के साथ साथ राम जानकी वाटिका बनाने की भी संरचना की है जिसे आने वाले समय में औषधीय वाटिका से सुसज्जित किया जायेगा।

शिप्रा ने पद यात्रा के दौरान मंत्री के सानिध्य का आभार जताते हुए कहा इस पद यात्रा के द्वारा देश में अध्यात्म जागरण से पर्यावरण जागरण सम्भव हो रहा हैं।महाराष्ट्र शासन के वन एवम संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा आने वाले समय में वीर शिवाजी के आशीर्वाद से दिल्ली में शिप्रा पाठक जैसे प्रकृति प्रेमियों को संगठित कर भारत को हरा भरा बनाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने शिप्रा के साहस की सराहना करते हुए कहा ऐसे लोग कम होते है जो आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी ऊर्जा लगाएं।शिप्रा द्वारा इससे पहले भी मध्य प्रदेश की नर्मदा नदी की 3600 किमी,उत्तर प्रदेश की गोमती नदी की 1000 किमी की पद यात्रा की जा चुकीं है।इसके अलावा उनकी संस्था पंच तत्व द्वारा भारत की कई नदियों के लिए कार्य चल रहा है।शिप्रा पद यात्रा के माध्यम से गांव गांव जाकर अपना संगठन बनाती हैं उसके उपरांत समूह बनाकर लोगों को जल संरक्षण का महत्त्व बताते हुए पोधा रोपण कराती हैं।शिप्रा की संस्था द्वारा लगाए गए अब तक लगभग 12 लाख पौधे वृक्ष का रूप ले चुके हैं।शिप्रा पाठक द्वारा राम जानकी वन गमन मार्ग पर मुख्य अति दर्शनीय स्थल जैसे अयोध्या,श्रंग बेरपुर,सुल्तानपुर,प्रयागराज,चित्रकूट,रामटेक,नासिक,जटायुधाम,हम्पी,रामेश्वरम आदि पर विशेष लेख भी तैयार किया गया है जिसे आने वाले समय में उनके द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।













































































