अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान को कल मिलेगा समर्पित भवन, पीएम मोदी रखेंगे आधारशिला

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नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से संबंधित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समर्पित भवन की आधारशिला रखेंगे। संस्थान में अभी एमबीबीएस के छात्रों की कक्षाएं स्नातकोत्तर संस्थान में हो रही हैं। इन छात्रों के लिए लंबे समय से समर्पित भवन की मांग चल रही थी। इस मांग को देखते हुए मनोरोग विभाग की जगह पर मेडिकल कॉलेज के लिए भवन का निर्माण किया जाएगा। इस कॉलेज को भविष्य की मांग के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसमें एआई आधारित लेक्चर रुम, पुस्तकालय, परीक्षण कक्ष सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।आरएमएल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक संस्थान में एमबीबीएस के लिए हर बैच में 100 सीट हैं। ऐसे में यहां हर साल करीब 500 बच्चे एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के लिए कोई जगह नहीं थी। अभी स्नातकोत्तर संस्थान में ही कक्षाएं चल रही थी। यहां पर्याप्त जगह न होने के कारण अस्पताल के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया। इस प्लान के तहत मनोरोग विभाग को अस्पताल में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। साथ ही खाली होने वाली जगह पर मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला हुआ है। फैसले के तहत मौजूदा मांग से कई गुणा आधार पर इस भवन का निर्माण किया जाएगा, ताकि भविष्य में यहां सीटों का इजाफा किया जा सकें।डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से स्काईवॉक से जोड़ा जा सकता है। डॉक्टरों की माने तो योजना के तहत मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बीच में तालकटोरा रोड है। इस सड़क को पार करने के लिए स्काईवॉक बनाया जाएगा। जो सीधे अस्पताल को जोड़ेगा। इसकी मदद से डॉक्टर सीधे अस्पताल में पहुंच सकते हैं।तालकटोरा रोड के दूसरी तरफ चल रहे मनोरोग विभाग को अस्पताल के मुख्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा। डॉक्टरों की माने तो अप्रैल में अस्पताल का सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक शुरू हो सकता है। इसके शुरू होने के बाद ओपीडी ब्लॉक में काफी जगह खाली होगी। इन खाली जगहों पर दूसरे विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। इसमें मनोरोग को भी लाया जा सकता है।आरएमएल अस्पताल में करीब 470 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज के लिए 12 मंजिला भवन तैयार होगा। इसमें इसमें छह बड़े व्याख्यान हॉल होंगे। प्रत्येक व्याख्यान हॉल में 250 छात्रों बैठ सकेंगे। इसके अलावा 1500 सीट की क्षमता वाला सभागार बनाया जाएगा। साथ ही एक हजार गाड़ियों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग बनाई जाएगी।प्रधानमंत्री दिल्ली में पहली माइक्रोबायोलॉजी फूड टेस्टिंग लैब का शुभारंभ करेंगे। लारेंस रोड औद्योगिक क्षेत्र में अत्याधुनिक माइक्रोबायोलॉजी फूड टेस्टिंग लैब का निर्माण किया गया है। दिल्ली का खाद्य सुरक्षा विभाग इसका संचालन करेगा। खाद्य वस्तुओं में मिलावट की जांच के लिए केमिकल लैब पहले से मौजूद है , लेकिन पहले माइक्रोबायोलॉजी फूड टेस्टिंग लैब नहीं होने से फंगस व बैक्टीरिया की जांच में दिक्कत आती थी। माइक्रोबायोलाॉजी फूड टेस्टिंग लैब शुरू होने से खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता निगरानी बेहतर हो सकेगी।

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