एपीएस इण्टरनेशनल स्कूल में सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन ’पराक्रम दिवस’ श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया
उझानी। ए0पी0एस0 इण्टरनेशनल स्कूल ने सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन ’पराक्रम दिवस’ श्रद्धा भाव के साथ मनाया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन ’पराक्रम दिवस’ को श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर विद्यालय के चेयरमैन विमलकृष्ण अग्रवाल, चेयरपर्सन पूनम अग्रवाल, निदेशक नीलांशु अग्रवाल, निदेशिका नंदिता अग्रवाल, प्रधानाचार्य रविन्द्र भट्ट, उपप्रधानाचार्या मीनाक्षी शर्मा, शैक्षणिक प्रमुख वाई0के0 सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित की। पराक्रम दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विद्यालय की उपप्रधानाचार्या ने सुभाष चंद्र बोस के जीवनवृन्त, उनकी यात्राएँ व देश को आजाद कराने में उनके योगदान के बारे में, कक्षा 9 व कक्षा 11 के विद्यार्थियों को रोचक व ज्ञानवर्धक जानकारियाँ दीं। ये जानकारियाँ आपने विडियों के माध्यम से दी।

द्वितीय विश्वयुद्व के दौरान, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए, उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज का गठन किया। ’’जय हिंद’’ का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। आपका नारा ’’तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूगाँ’’ का नारा भी नेताजी का ही था, जिसने भारत के युवाओं में एक नया जोश भरने का कार्य किया। नेताजी ने 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमांडर के रूप में सेना को संबोधित करते हुए ’’ दिल्ली चलो’’ का नारा दिया। देश की आजादी में नेताजी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। विद्यालय के निदेशक निलांशु अग्रवाल ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस तथा आजादी के अन्य महापुरुषों के कृतित्व पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि आज के इस कार्यक्रम का उद्देश्य नेताजी को याद करना तो है ही साथ ही साथ हमें अपने अन्य महापुरुषों के बारे में भी जानकारी हासिल करनी चाहिए। आपने विद्यार्थियों को अपने आस-पास घट रहीं घटनाओं की भी जानकारी करनी चाहिए। आपने भारत की संपन्न व सभ्य संस्कृति के बारे में बताया। विद्यार्थियों से इतिहास की जानकारी करने के लिए इतिहास की पुस्तकों को पढ़ने के लिए कहा।













































































