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केजरीवाल सरकार छह शहीद जवानों के परिवार को देगी एक-एक करोड़ की सम्मान राशि, CM ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

January 17, 2024By admin0 comments
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नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले दिल्ली के छह शहीद जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देगी। केजरीवाल सरकार दिल्ली पुलिस में तैनात एएसआई ओम प्रकाश व एएसआई राघेश्याम, भारतीय सेना में तैनात मेजर रघुनाथ व कैप्टन जयंत जोशी, दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मी पुनीत गुप्ता और फायर ऑपरेटर प्रवीर कुमार के परिवार को यह सम्मान राशि देगी। इस संबंध में राजस्व विभाग से आए प्रस्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल अपनी मंजूरी दे दी है। इस बाबत दिल्ली की राजस्व मंत्री आतिशी ने बताया कि दिल्ली सरकार सेना, पुलिस, पैरामिलिट्री, दिल्ली सिविल डिफेंस, होम गार्ड के जवानों की बहादुरी का सम्मान करती है। हमारी सरकार वर्दी पहनने वाले हर एक उस जवान की कद्र करती है जो अपनी जान पर खेल कर देश और समाज की रक्षा करते हैं। दिल्ली सरकार इनके जज्बे को सलाम करती है।  राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि सरकार में आते ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले शहीदों के परिवारों को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देने शुरू किया। इस सम्मान राशि से शहीदों के परिवारों के नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन उनके परिवार को एक सम्मानजनक जीवन जीने में थोड़ी मदद जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने छह बहादुर सिपाहियों की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार हमेशा शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दिल्ली सरकार की यह योजना देश की सेवा कर रहे उन सभी वर्दीधारी सैनिकों को यह आत्म विश्वास देती है कि सरकार और समाज उनके परिवार के साथ है। बता दें कि केजरीवाल सरकार इस योजना के तहत दिल्ली के निवासी सेना, पुलिस, पैरामिलिट्री, दिल्ली सिविल डिफेंस, होम गार्ड के जवान आते हैं जो ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं। सरकार उनकी बहादुरी को सलाम करती है और उनका परिवार बेहतर ढंग से सम्मानपूर्वक जीवन जी सके, इसके लिए उन्हें एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान करती है। इन छह शहीद जवानों में भारतीय सेना के दो जवान, दिल्ली पुलिस के दो जवान, दिल्ली सिविल डिफेंस के एक जवान और दिल्ली फायर सर्विसेज के एक जवान शामिल है। शहीदों को सम्मान देने की इस योजना के तहत दिल्ली सरकार दिल्ली निवासी या दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात उन सभी वर्दीधारियों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देती है जो ड्यूटी के दौरान बहादुरी दिखाते हुए शहीद हुए।एएसआई ओम प्रकाश ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में तैनात थे। घटना के दिन वो सी-लाल चौक पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात थे। जब वो अपने सहयोगी के साथ चौक पर वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी लगभग 11ः45 बजे उन्हें एक मोटरसाइकिल पर उनकी तरफ आते तीन लोग दिखे। जब उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर रहे मोटरसाइकिल सवारों को रोकने की कोशिश की, तो मोटरसाइकिल सवारों ने उन्हें टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल की टक्कर लगने से एएसआई ओम प्रकाश गिर गए और उनका सिर सड़क से टकरा गया, उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें एम्स ले जाया गया। वहां कुछ समय तक इलाज चलने के बाद वो शहीद हो गए। द्वारका निवासी मेजर रघुनाथ भारतीय सेना की तीसरी बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) में थे। संभावित घुसपैठ के बारे में एजेंसियों की खुफिया जानकारी के आधार पर 5 मई 2022 को सुखदार, जम्मू-कश्मीर में उनके द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। लगभग 10ः45 बजे, मौसम खराब हो गया। घने कोहरे और बारिश से हालात बिगड़ गए और इस दौरान मेजर रघुनाथ, लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास जोखिम भरे इलाके से ऑपरेशन के दौरान फिसलकर सलामाबाद नाले में गिर गए और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। बचाव दल उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर गई लेकिन तब तक मेजर रघुनाथ शहीद हो चुके थे। पांडव नगर निवासी पुनीत गुप्ता परिवहन विभाग में तैनात थे और घटना के दिन फील्ड ड्यूटी पर तैनात थे। वाहनों की जांच के दौरान रात 12ः40 बजे ढांसा की ओर से एक ट्रक टेढ़े-मेढ़े तरीके से आ रहा था। ट्रक को पुनीत गुप्ता रुकने का इशारा किए, लेकिन ट्रक ने रुकने की बजाय उन्हें टक्कर मार दी। वो गिर गए और ट्रक से कुचल गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें बेहोशी की हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रवीण कुमार भोरगढ़ फायर स्टेशन में तैनात थे। सीआईएसएफ कैंप के पास एच-ब्लॉक में एक डिस्पोजेबल प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई है। आज बुझाने के अभियान  के दौरान इमारत का पिछला हिस्सा ढह गया, जिससे प्रवीण कुमार सहित कई अग्निशमन कर्मी झुलस गए। उन्हें तुरंत लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जलने के बाद सेप्टिसेमिक शॉक के कारण इलाज के दौरान प्रवीण कुमार जी शहीद हो गए। एएसआई राधे श्याम को बुराड़ी सर्कल में दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक पुलिस यूनिट में प्नियुक्त किया गया था। उन्हें आउटर रिंग रोड, आईटीआई धीरपुर के सामने, दिल्ली में ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। ड्यूटी के दौरान एएसआई राधेश्याम ने एक ट्रक को वजीराबाद मुकरबा चौक की ओर आते देखा। ट्रक का ड्राइवर ग़लत लेन में ट्रक चला रहा था। एएसआई राधेश्याम ने ट्रक को रुकने का इशारा किया, लेकिन जैसे ही उस ट्रक ने ब्रेक लगाया, वह सड़क पर आ रही दूसरी एक गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारी और एएसआई राधेश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। द्वारका निवासी कैप्टन जयंत जोशी भारतीय सेना की 254 आर्मी एवन स्क्वाड्रन (एएलएच) में तैनात थे। 03 अगस्त 2021 को कैप्टन जयंत जोशी को एक अभ्यास अभियान के लिए हेलीकॉप्टर के को-पायलट के रूप में नियुक्त किया गया। अभ्यास के दौरान उनका हेलीकॉप्टर लैंडिंग दुर्घटनाग्रस्त होकर पठानकोट के रंजीत सागर बांध में गिर गया और उस दुर्घटना में कैप्टन जयंत जोशी शहीद हो गए

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