हिंदी को पूर्ण राजभाषा का दर्जा औरभारतीय भाषा में भारतीय कानून बनाने को ज्ञापन सौंपा

WhatsApp-Image-2024-01-10-at-18.48.55
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow

बदायूँ। जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के तत्वावधान मे अध्यक्ष/ संस्थापक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट के नेतृत्व में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री एवम गृह मंत्री को सम्बोधित ग्यारह सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया गया। व्यवस्था सुधार मिशन के जनक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने कहा कि जिस भाषा के नेतृत्व में आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई, उसे आजादी के पचहत्तर वर्ष बाद भी पूर्ण राजभाषा का दर्जा नहीं मिल सका है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४३(२) में एक अस्थायी व्यवस्था के तहत १५ वर्ष के लिए अंग्रेजी में कार्य करने की व्यवस्था दी गई, किंतु इस अस्थाई प्रावधान को नहीं हटाया गया। दुर्भाग्य का विषय है कि अभी तक भारतीय कानून भारतीय भाषा में नही बनाए जा रहे हैं। श्री राठोड़ ने कहा कि देश के समस्त विश्व विद्यालयो में प्रमुख साहित्यकारों के नाम पर अनिवार्य रूप से हिंदी विभाग की स्थापना हो। प्रत्येक जनपद में हिंदी भवन बनाए जाएं, हिंदी साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिले। शासन और प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नीति बने साथ ही निशुल्क चिकित्सा और यात्रा के साथ ही पेंशन की सुविधा भी मिले। हिंदी को मिले पूर्ण राजभाषा का दर्जा। भारतीय भाषा में ही बने भारतीय कानून। जन दृष्टि (व्यवस्था सुधार मिशन) के तत्वावधान मे अध्यक्ष/ संस्थापक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट के नेतृत्व में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी बदायूं के माध्यम से देश के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री एवम गृह मंत्री को सम्बोधित ग्यारह सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया गया। इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए व्यवस्था सुधार मिशन के जनक हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने कहा कि जिस भाषा के नेतृत्व में आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई, उसे आजादी के पचहत्तर वर्ष बाद भी पूर्ण राजभाषा का दर्जा नहीं मिल सका है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४३(२) में एक अस्थायी व्यवस्था के तहत १५ वर्ष के लिए अंग्रेजी में कार्य करने की व्यवस्था दी गई,

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow

किंतु इस अस्थाई प्रावधान को नहीं हटाया गया। दुर्भाग्य का विषय है कि अभी तक भारतीय कानून भारतीय भाषा में नही बनाए जा रहे हैं। श्री राठोड़ ने कहा कि देश के समस्त विश्व विद्यालयो में प्रमुख साहित्यकारों के नाम पर अनिवार्य रूप से हिंदी विभाग की स्थापना हो। प्रत्येक जनपद में हिंदी भवन बनाए जाएं, हिंदी साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिले। शासन और प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नीति बने साथ ही निशुल्क चिकित्सा और यात्रा के साथ ही पेंशन की सुविधा भी मिले। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संरक्षक एमएल गुप्ता, केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी रामगोपाल, जिला समन्वयक सत्येन्द्र सिंह गहलोत, ज्ञानदीप शर्मा, ज्योति शर्मा, ब्लॉक समन्वयक प्रमोद कुमार, नेत्रपाल, विकास कुमार, वंशीधर , श्रीराम आदि की सहभागिता रही। संरक्षक एमएल गुप्ता, केन्द्रीय कार्यालय प्रभारी रामगोपाल, जिला समन्वयक सत्येन्द्र सिंह गहलोत, ज्ञानदीप शर्मा, ज्योति शर्मा, ब्लॉक समन्वयक प्रमोद कुमार, नेत्रपाल, विकास कुमार, वंशीधर , श्रीराम आदि की सहभागिता रही।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights