बगरैन में 96 बीघा निजी तालाब को लेकर 36 में दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी
बदायूं। तहसील बिसौली ग्राम बगरैन 96 बीघा निजी तालाब को लेकर 36 में दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी
जिला प्रशासन मौन 96 बीघा तालाब को लेकर तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप तिलक चंदन कमल कश्यप समेत कई लोग धरना प्रदर्शन कर करके थक चुके भारी बरसात हो ओलावृष्टि हो तेज तूफान हो तपती हुई दोपहर में भी डटे रहते हैं आंदोलनकारी
आखिर करोड़ों का मछली व्यापार तहसील प्रशासन की मिली भगत से इन गरीबों का हक मारा जा रहा है जहां प्रशासन और शासन कब्जा मुक्त करने का काम करती है वही गरीबों के 96 बीघा तालाब पर भू माफिया को कब्जा करा कर मछली पालन कराया जा रहा है
बगरैन गांव में नियम विरुद्ध तहसील प्रशासन ने काम किये इनकी जांच उच्च स्तरीय कराई जाए ग्राम सभा का तालाब 154 बीघा के कई नंबरों पर अवैध रूप से मकान के निर्माण कराए गए हैं सरकारी तालाब पर भी कब्जा तहसील कर्मियों द्वारा कराया गया है
तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप ने ऐलान किया है खाली हाथ घर वापसी नहीं होगी या तो मेरी धरना स्थापित अंतिम यात्रा जाएगी या फिर मैं 96 बीघा तालाब मुक्त करा कर ही घर वापसी करूंगा रामबाबू कश्यप ने कहा है जिला प्रशासन भू माफियाओं से मिला हुआ है मेरी हत्या भी करवा सकता है क्योंकि भू माफिया मेरी हत्या करने की धमकी दे रहे हैं यह लिखित पत्र जिला अधिकारी को सौंपुंगा उसने कहा है कि अगर मेरी मांग को नहीं सुना गया तो मैं अगला कदम आत्मदाह में बदल दूंगा
तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप ने कहा मेरी वार्ता एसडीएम बिसौली साहब से हुई उन पर भरोसा कायम है वह शीघ्र ही मेरा यह काम कर देंगे परंतु एक हफ्ता वार्ता से गुजर चुका है अभी तक कोई भी रिजल्ट सामने नहीं आया है मैं बहुत परेशान हूं 1 मार्च 2022 से निरंतर धरना प्रदर्शन करता रहा हूं अधिकारियों के झूठे आश्वासन से तंग आ चुका हूंजिला प्रशासन इस पर कोई भी अमल नहीं कर रहा है आखिर करोड़ों रुपए की मछली कहां जा रही हैनिरंतर 10 सालों से तालाब से कोई भी पैसा नहीं मिला है 96 बीघा तालाब भू माफिया खुलेआम पर मछली पालन कर रहे हैंतालाब की नौईयत बदली गई है परंतु जिला प्रशासन आज भी भूमाफियाओं से आंख मिलाने तक को तैयार नहीं है बगरैन तालाब का इतिहास लिखा जाएगा1:00 दोपहर के बाद भरे हुए पानी से मालवीय आवास गृह पर मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना पहुंचे उन्होंने उनका हाल-चाल जानाधरना स्थल पर प्रशासन की तरफ से नाराज धरना पर बैठे आंदोलनकारी ने का धरने से खाली हाथ घर वापसी नहीं होगी धरने का स्वरूप बदलेंगे जान दे देंगे परंतु अब न्याय होकर ही रहेगा अगर कुर्बानी की जरूरत है तो कुर्बानी भी देंगे
भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने आंदोलनकारी को समझाया है और कहां शीघ्र ही उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी निराश ना हो क्योंकि आपकी लड़ाई आपका अधिकार की है आपको अध्याय अवश्य मिलेगा















































































