खेल प्रतिभा एवं व्यक्तित्व विकास का अवसर : स्वामी चिन्मयानंद

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शाहजहांपुर।।स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय के खेल एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के द्वारा पांच दिवसीय खेल महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को आरंभ करने से पहले मुमुक्षु शिक्षा संकुल की सभी संस्थाओं की टीमों के द्वारा मेजर अनिल मालवीय के निर्देशन में मार्च पास्ट किया गया। डॉ कविता भटनागर ने कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों के स्वागत व सम्मान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। एस एस कॉलेज के सचिव डॉ अवनीश मिश्र ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। एस एस कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर के आजाद ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।

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कार्यक्रम में शाहजहांपुर के मुख्य विकास अधिकारी एस बी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद एवं मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण के साथ साथ कबूतर एवं गुब्बारे छोड़कर शांति व सततता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही खेल की मशाल को प्रज्वलित करके मशाल दौड़ का आयोजन किया गया। छात्र आयुष अवस्थी के द्वारा सभी टीमों को खेल शपथ ग्रहण कराई गई। इस अवसर पर संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि कोरोना संकट के उपरांत पहली बार विद्यार्थियों को खुलकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि पांच दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को उजागर करने का अवसर प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व में एक अलग ही सम्मान को हासिल कर रहा है। हमें अवसर का उपयोग करके व्यक्तित्व विकास का पूर्ण प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा सर्वोच्च देवता हमारा राष्ट्र है। हमें सदैव राष्ट्र की उन्नति के लिए स्वयं को समर्पित करना चाहिए। जनपद के मुख्य विकास अधिकारी एस बी सिंह ने कहा कि विद्या वही है जो हमें संकीर्ण सोच, धर्म, लालच, अज्ञान, जाति इत्यादि के बंधनों से मुक्त करे। हमें केवल साक्षर नहीं बना है अपितु मानवीय मूल्यों की ओर बढ़ना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वसुधैव कुटुंबकम की भावना समाहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि तालमेल, सहयोग, निष्ठा, अनुशासन, लगन एवं तन्मयता का सबसे अच्छा उदाहरण खेल है।

खेल में शिक्षा के साथ साथ व्यवहारिकता का भी समावेश होता है। कार्यक्रम में शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ की छात्राओं के द्वारा गरबा प्रस्तुति भी की गई। प्रथम दिन शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के विद्यार्थियों के लिए 50 मीटर दौड़ एवं जूनियर व सीनियर वर्ग के लिए 800 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया। 50 मीटर दौड़ में दक्ष सिंह ने प्रथम, अथर्व श्रीवास्तव ने द्वितीय एवं अर्णव श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 800 मीटर दौड़ जूनियर बालक वर्ग में स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के जय शंकर प्रसाद ने प्रथम, राम प्रताप ने द्वितीय एवं श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के शुभम तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 800 मीटर सीनियर बालक वर्ग में एस एस कॉलेज के विपिन सिंह ने प्रथम, अभिषेक शुक्ला ने द्वितीय एवं आकाश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 800 मीटर सीनियर बालिका वर्ग में एस एस कॉलेज की संध्या ने प्रथम, उपासना ने द्वितीय एवं विधि महाविद्यालय की गीतांजलि सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।डॉ प्रांजल शाही के संयोजन में हुए कार्यक्रम का संचालन डॉ शिशिर शुक्ला ने एवं धन्यवाद ज्ञापन शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अजीत सिंह चारग के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ अनुराग अग्रवाल, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जय शंकर ओझा, शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ की प्रधानाचार्या डॉ मेघना मेहंदीरत्ता, स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ अमीर सिंह यादव, अशोक अग्रवाल, डॉ प्रभात शुक्ला, डॉ आलोक सिंह, डॉ मीना शर्मा, डॉ संदीप अवस्थी, एस पी डबराल, डॉ आदित्य सिंह, डॉ विजय तिवारी इत्यादि उपस्थित रहे।

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