सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे से आगरा में उद्योगों को नई सौगात मिलने की आस 

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आगरा। बुधवार को उद्यमी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे। इससे पहले सीएम मथुरा में थे। वहां से निकलने के बाद वह कार्यक्रम स्थल आगरा पहुंचे। यहां फतेहाबाद रोड स्थित केएनसीसी पर सम्मेलन कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित किया गया है। इसमें 60 जिलों के करीब 1500 उद्यमी शामिल हुए। उद्यमी सम्मेलन में केंद्रीय राजमंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, धर्मवीर प्रजापति, लघु उद्योग निगम उपाध्यक्ष राकेश गर्ग, मौजूद रहे। सीएम ने योगी ने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने उद्योगों के विकास और विस्तार पर उद्यमियों के समक्ष अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत प्रतिवर्ष 17 हजार करोड़ रुपए का कारपेट एक्सपोर्ट करता है। उनमें से अकेले भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी से दस हजार करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होता है। कहा कि हमारी सरकार 2018 में उत्तर प्रदेश के अंदर ओडीओपी योजना चलाई। हम परंपरागत उद्योग को टेक्नोलॉजी की मदद से आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने कहा कि आगरा में फ्लाटेड फैक्टरी परिसर बना रहे हैं। लघु उद्योग को आगे बढ़ाएंगे। इन्वेस्टर समिट में 38 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। धरातल पर उतरे तो नौकरियों की बहार आ जाएगी। सरकार कदम उठा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कर रहे हैं। प्रदेश के अंदर अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की सरकार की नीति है। हमने कहा है कि सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी को नहीं करने देंगे। लघु उद्योग भारती के प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा लघु उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कम खर्चा, कम स्थान, ज्यादा रोजगार सृजन, ज्यादा परिवारों का स्वावलंबन यह सिर्फ लघु उद्योगों से ही संभव है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया, नए उद्योग लगाइए। एक हजार दिन तक एनओसी लेने के लिए छूट है। फतेहाबाद रोड स्थित कुंजामल एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अधिवेशन में 60 जिलों से 1500 से अधिक लघु उद्यमी शामिल हुए। अपराह्न 3.30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे। 15 मिनट स्वागत व सम्मान का दौर चला। फिर सीएम योगी ने मंच से उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा, पारंपरिक उद्यमों के प्रोत्साहन के लिए नए प्रयास हुए हैं। तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग, प्रशिक्षण व मार्केटिंग की सुविधाएं सरकार ने उपलब्ध कराई हैं। ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) से यूपी में 5 साल में 250 गुना निर्यात बढ़ा है। बीमारू राज्य को आर्थिक समृद्धि के पथ पर ले जा रहे हैं। सीएम ने कहा 2020 में नई एमएसएमई पॉलिसी लाए थे। नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिल रहा है। नए उद्योग लगाने पर एक हजार दिन तक उद्यमियों को एनओसी के लिए कोई परेशान नहीं कर सकता। यूपी में अब अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। आगरा में फ्लैटेड फैक्टरी बन रही है। कानपुर और गोरखपुर में भी बनेगी। निवेश के मामले में प्रदेश को नई उंचाईयों तक पहुंचाने के लिए फरवरी में ग्लोबल इनवेस्टर समिट आयोजित की गई थी। 35 लाख करोड़ रुपये निवेश प्रस्ताव आए। जब यह प्रस्ताव धरातल पर उतरेंगे तो एक करोड़ 10 लाख युवाओं को रोजगार व नौकरियां मिलेगी। यूपी निवेश के लिए सबसे बेहतरीन गंतव्य हो गया है। ईज ऑफ डूंइग में उद्यमियों के लिए सहूलियत व सुधार को तत्परता से किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रदेश में उद्योगों के लिए पहली शर्त सुरक्षा है। सुरक्षा से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। यदि किसी ने खिलवाड़ किया तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने एसएसपी, डीएम व मंडलायुक्त स्तर से उद्यमियों की हर समस्या के समाधान होगा। एमएसएमई व जीएसटी में रजिस्ट्रेशन पर उद्यमियों को पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर मिलेगा। सम्मेलन का संचालन प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने किया। सीएम के साथ मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेद्र उपाध्याय, धर्मवीर प्रजापति, लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू, लघु उद्योग निगम उपाध्यक्ष राकेश गर्ग, यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

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